
cyber thagi
ग्वालियर. त्योहारों का सीजन शुरू होते ही बाजारों में रौनक बढ़ रही है। घर सजाने से लेकर नए कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान और उपहार खरीदने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। त्योहारी सीजन में साइबर ठग भी फेस्टिवल सेल के नाम पर फर्जी डिस्काउंट, धार्मिक संदेश और बधाई के ङ्क्षलक के जरिए ठगी की तैयारी में हैं। त्योहारों की मस्ती और खरीदारी के उत्साह में छोटी-सी चूक लोगों के बैंक खातों तक ठगों की पहुंच बना सकती है। साइबर पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, पिछले पूरे साल प्रदेशभर में साइबर फ्रॉड की 55,382 शिकायतें दर्ज हुई थीं, जबकि इस साल 31 अगस्त तक ही यह आंकड़ा 52,232 के पार पहुंच चुका है। इससे साइबर ठगी के बढ़ते मामलों का अंदाजा लगाया जा सकता है।
13 दिन में 23 केस, 26.25 लाख ठगे
पिछले 13 दिन में साइबर ठगों ने शहर और देहात में 23 वारदातों को अंजाम देकर 26 लाख 25 हजार 659 रुपए ठग लिए। आंकड़ों के हिसाब से ठग रोजाना औसतन करीब 2 लाख रुपए की चपत लगा रहे हैं। इन मामलों में व्हाट्सऐप लिंक के जरिए एक, मोबाइल हैकिंग के तीन, क्रेडिट कार्ड से जुड़े दो, वर्क फ्रॉम होम के दो और होटल बुकिंग के नाम पर एक वारदात शामिल है। इन तरीकों से युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक को निशाना बनाया गया।
गूगल पर सर्च करते ही ठगों का जाल
साइबर पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, लोग बाजार जाकर खरीदारी करने से पहले पसंदीदा सामान, कपड़े और अन्य उत्पाद ऑनलाइन सर्च करते हैं। साइबर ठग इसी आदत का फायदा उठाते हैं। वे लोकप्रिय ब्रांड से मिलते-जुलते नाम वाली वेबसाइट बनाकर सर्च इंजन पर अपने फोन नंबर दर्ज कर देते हैं और लोगों को जाल में फंसाते हैं।
दरअसल, ज्यादातर लोग कंपनी, शोरूम या सर्विस सेंटर की आधिकारिक वेबसाइट से कस्टमर केयर नंबर लेने के बजाय गूगल पर भरोसा करते हैं। इसी का फायदा उठाकर ठग लोगों को निशाना बनाते हैं।
इन हथकंडों से रहें सावधान
फेस्टिवल सेल: ब्रांडेड उत्पादों पर सीमित समय के लिए भारी छूट का फर्जी ऑफर देकर ठगी।
शुभकामना संदेश: त्योहारों की बधाई के नाम पर एपीके फाइल भेजकर फोन हैक करना और बैंक खातों में सेंध लगाना।
कूरियर स्कैम: पार्सल या डिलीवरी में समस्या का बहाना बनाकर भुगतान या निजी जानकारी मांगना।
फर्जी कस्टमर केयर: गूगल पर मिले गलत संपर्क नंबर के जरिए ग्राहकों को झांसे में लेना।
एक्सपर्ट व्यू…जल्दबाजी नहीं, सतर्कता जरूरी
डीएसपी स्टेट साइबर सेल संजीव नयन शर्मा के मुताबिक, त्योहारों के दौरान साइबर ठग खरीदारी की आदतों, आकर्षक ऑफर और ऑनलाइन सर्च का फायदा उठाते हैं। किसी भी ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता जांचें। भारी छूट के लालच में अनजान वेबसाइट से खरीदारी न करें और वेबसाइट का यूआरएल अच्छी तरह परखें। व्हाट्सऐप या टेलीग्राम पर आने वाले अनजान लिंक और धार्मिक शुभकामना संदेशों को बिना जांचे डाउनलोड न करें। इनके जरिए एपीके फाइल भेजकर फोन हैक किया जा सकता है। किसी को भी ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड या बैंक खाते से जुड़ी जानकारी न दें। किसी भी ऑफर पर क्लिक करने या भुगतान करने से पहले सतर्क रहें, क्योंकि साइबर ठग जल्दबाजी और लालच का फायदा उठाते हैं।
Updated on:
14 Oct 2026 06:03 pm
Published on:
14 Oct 2026 06:02 pm
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