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सरकारी होटल बेचने की फिराक में था इंजीनियर, 15 करोड़ लग गई थी कीमत, जानिए फिर क्या हुआ

ओडिशा पर्यटन विकास निगम ( OTDC ) के साथ काम करने वाले एक पूर्व संविदा इंजीनियर पर आरोप है कि उसने सरकारी होटल को 15 करोड़ रुपए में बेचने की कोशिश की और खुद को उस होटल का मालिक भी बताया
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Dheeraj Sharma

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Oct 24, 2021

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नई दिल्ली। ओडिशा के पुरी से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। दरअसल यहां एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, जो भारत पर्यटन विकास निगम ( ITDC ) के स्वामित्व वाले होटल को ही बेचने की फिराक में था।
ओडिशा पर्यटन विकास निगम ( OTDC ) के साथ काम करने वाले एक पूर्व संविदा इंजीनियर पर आरोप है कि उसने सरकारी होटल को 15 करोड़ रुपए में बेचने की कोशिश की और खुद को उस होटल का मालिक भी बताया।

ये है मामला
ITDC की सहायक कंपनी उत्कल अशोक होटल कॉरपोरेशन की ओर से स्थापित यह होटल 1988 से पुरी में है। वित्तीय कुप्रबंधन के आरोपों के चलते यह होटल 2005 से बंद है। सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने की वजह से होटल से विनिवेश के लिए सरकार की बोली पर रोक लगा दी गई है।

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15 करोड़ रुपए में किया समझौता
इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए ओटीडीसी के एक पूर्व संविदा इंजीनियर ने खुद को आईटीडीसी का अधिकारी बताया और होटल बेचने के लिए पुरी के एक अंडा थोक व्यापारी के साथ 15 करोड़ रुपए में समझौता किया।

मामले में आर्थिक अपराध शाखा के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) जेएन पंकज के मुताबिक अनिकेश साहू नाम के एक व्यक्ति ने चंदन आकाश मोहंती और एक अन्य व्यक्ति ने पुरी के अंडा थोक व्यापारी तपन कुमार मोहंती को 50 लाख रुपए का धोखा दिया।

चंदन ने खुद को आईटीडीसी का एक वरिष्ठ अधिकारी बताया जबकि अनिकेश साहू ने खुद को आईटीडीसी की विभिन्न परियोजनाओं के साथ काम करने वाले ठेकेदार के रूप में प्रस्तुत किया।

साहू ने अपने एक दोस्त के जरिए तपन कुमार मोहंती से मुलाकात की और उन्हें पुरी में नीलाचल अशोक होटल खरीदने के लिए राजी किया।

इसमें 15 करोड़ रुपए का भुगतान और 3 करोड़ रुपए की रिश्वत शामिल थी।

फरवरी 2020 में आरोपी ने समझौता कराकर पीड़िता से आईटीडीसी के सरकारी खाते में 20 लाख रुपए जमा कराया और उससे 30 लाख रुपए नकद लिया।

जब पीड़ित को आईटीडीसी लिमिटेड से कोई जानकारी नहीं मिली, तो उसने महसूस किया कि उसे ठगा गया है।

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इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
पीड़ित की पत्नी की ओर से ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में शिकायत दर्ज कराने के बाद साहू को कटक से गिरफ्तार किया गया और 419, 420, 467, 468 और 471 सहित भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाया गया।
पुलिस को शक है कि ये किसी गिरोह का काम है, ऐसे में अन्य साथियों की भी तलाश की जा रही है।