
फिर फंसे सलमान खान, फार्म हाउस में निर्माण को लेकर वन विभाग ने भेजा नोटिस
नई दिल्ली। बॉलीवुड के दबंग यानी सलमान खान एक बार फिर मुश्किल में पड़ने वाले हैं। इस बार उन पर कोई आपराधिक मामला तो नहीं है लेकिन पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने को लेकर वे परेशानी पड़ सकते हैं। दरअसल सलमान खान की मुंबई के पास कई एकड़ में फैली जमीन पर्यावरण सुरक्षा के रडार पर है। महाराष्ट्र के वन विभाग ने सलमान खान के परिवार को पनवेल में स्थित फार्महाउस में कथित निर्माण को लेकर कारण बताओ नोटिस भेजा है।
फार्म में हुआ सीमेंटीकरण
सलमान खान को वन विभाग की ओर से नवंबर 2017 को एक नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस में लिखा है कि आपके अर्पिता फार्म्स में सीमेंटी और कंक्रीट निर्माण किया गया है, जो पर्यावरण सुरक्षा के नियमों के हिसाब से गलत है। आपकी ओर से किया गया सीमेंटीकरण की वजह से वन अधिनियम के उल्लंघन का अपराध दर्ज किया गया है। इस नोटिस में आगे लिखा है कि इस दफ्तर की ओर से दस्तावेज को चेक करने के बाद ऐसा लगता है कि आप ऐसे अवैध निर्माण अर्पिता फार्म पर बार-बार कराते रहे हैं।
नवंबर में जारी नोटिस के बाद सलमान खान को एक बार फिर 9 जून 2018 को नोटिस भेजा गया है। इस भेजे गए नोटिस में खान परिवार से एक हफ्ते में जवाब मांगा गया। मराठी में भेजे गए सबसे ताजा पत्र में नवंबर में भेजे गए नोटिस का भी जिक्र है।
क्यों न परिवार के खिलाफ हो कार्रवाई
हालांकि ये नोटिस सलमान खान के पिता सलीम खान को भेजा गया है, लेकिन इस नोटिस में जिक्र किया गया है कि संपत्ति के मालिकाना हक मुख्य रूप से सलमान खान, बहन अलवीरा और अर्पिता, भाई अरबाज और सोहेल के अलावा सलीम खान की दूसरी पत्नी हेलन खान के पास हैं। यही नहीं नोटिस में वन विभाग ने कहा है, जांच के दौरान परिवार के इन सभी सदस्यों के नाम सामने आए। ऐसे में क्यों आपके परिवार को इस अपराध में सामूहिक रूप से शामिल नहीं समझा जाना चाहिए।
ये है मामला
सलमान खान के परिवार के पास वजापुर में स्थित अर्पिता फार्म्स का मालिकाना हक है। इस क्षेत्र को 2003 में पर्यावरण की नजर से संवेदनशील घोषित किया गया था। वजापुर के वन अधिकारी एसएस काप्से की ओर से 9 जून 2018 को नोटिस जारी किया गया। इसके मुताबिक पनवेल में संबंधित जगह पर 11 निर्माण पाए गए हैं, जिनके मालिकाना हक खान परिवार के छह सदस्यों के नाम पर हैं। इनके अलावा दो निर्माण ऐसे हैं जो 2003 से पहले के हैं।
सरकारी कारण बताओ नोटिस के मुताबिक बाकी सभी 11 निर्माण उस अधिसूचना के जारी होने की तारीख के बाद किए गए, जिस अधिसूचना के तहत इस जोन में नई इमारतों के निर्माण पर रोक लगा दी गई थी।
सरकार को गुमराह करने का भी आरोप
सलमान खान पर सिर्फ पर्यारण के नियमों के उल्लंघन का ही आरोप नहीं है बल्कि नोटिस पर गौर किया जाए तो उन पर ये आरोप भी लगाया गया है कि उन्होंने नियमितीकरण के लिए केंद्र और राज्य सरकार को गुमराह किया है। नोटिस में कहा गया है कि नोटिस मिलने के 7 दिन के अंदर उन्होंने जो पक्ष रखना है वे नोटिस जारी करने वाले के पास दर्ज करा दें। इस अवधि में स्पष्टीकरण नहीं देते हैं तो समझा जाएगा कि आपको इस विषय में कुछ नहीं कहना और इसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आपको बता दें कि नोटिस भेजने वाले अधिकारी काप्से का नोटिस भेजने के 11 दिन बाद ही तबादला कर दिया गया। हालांकि काप्से ने इस तबादले को चुनौती देने का फैसला किया है।
Published on:
07 Jul 2018 09:09 am
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