यूपी के शोविंडो कहे जाने वाले हाईटेक शहर में सेक्स रैकेट चल रहा है। कुछ लोग घर बैठे इस धंधे में शामिल हैं। कैसे और कहां चल रहा है यह धंधा? कौन लोग इसमें है शामिल? पेश है इसकी पड़ताल करती पत्रिका की यह रिपोर्ट-
इंटरनेट पर किसी भी वेबसाइट को बनाने के लिए कोई लाइसेंस की जरूरत नहीं पडती। यहीं कारण है कि अब कुछ लोग इसे गंदे धंधे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। इंटरनेट पर ऐसी अनगिनत वेबसाइट और फेसबुक, ट्विटर अकाउंट बने हैं, जहां सेक्स रैकेट संचालक संपर्क कर लड़कियों के फोटो डालते हैं। इसके बाद युवा फोटो देखने के बाद रेट तय करते हैं।
सेक्स रैकेट चलाने वालों के फेसबुक समेत अन्य सोशल साइट पर अकाउंट बने हुए हैं। यह सबसे पहले फेसबुक पर अपना पेज और अकाउंट बनाते हैं। इसके बाद यह लोग धीरे-धीरे ग्रुप में एंटी करते हैं। ये यहां धीरे-धीरे फोटो और मैसेज कर लोगों से संपर्क करते हैं।
वॉट्सएेप पर भी भेज रहे फोटो
इंटरनेट के साथ ही अपडेट होते युवाओं से दलाल वॉट्सएेप पर संपर्क करते हैं। यहां भी प्रोफाइल पिक में लड़कियों के फोटो बदल बदलकर क्लाइंट को दिखार्इ जाती हैं। ऐसे में जो लोग इनसे जुड़ने की इच्छा रखते हैं, वे लोग उनसे संपर्क कर लेते हैं।
वहीं, कुछ सेक्स रैकेट संचालक पहले युवाओं का नंबर खोजते हैं। इसके बाद वाट्सएेप पर एक ग्रुप बनाकर उन्हें शामिल करते हैं। आरोपी इस वॉट्सएेप ग्रुप पर लड़कियों के फोटो भेजते हैं। ऐसे में जो लोग इसके इच्छुक होते हैं, वे फोटों के हिसाब से रेट फिक्स करते हैं। इसमें आरोपी डील फाइनल होने के बाद बतौर एडवांस राशि लेकर निश्चित तारीख पर अपनी सर्विस देते हैं।
मसाज पार्लर के नाम से रजिस्टर हैं सेक्स रैकेट
एनसीआर में 100 से भी अधिक सेक्स रैकेट ऐसे हैं, जो इंटरनेट पर मसाज पार्लर के नाम से रजिस्टर हैं। एक ही सर्च में यहां मसाज पार्लर की लिस्ट निकलकर आ जाती है। इनसे कॉन्टेक्ट करने पर आधे से ज्यादा पर सेक्स रैकेट चलते होने का पता लगता है।
यह गंदा धंधा इंटरनेट तक ही सीमित नहीं है। उनके नंबर आपको जस्ट डायल से भी मिल सकते हैं। यहां से मिलने वाले मसाज पार्लर के नंबरों पर कॉल करने पर सेक्स रैकेट का पता चलता है, जो खुलेआम धंधा कर रहे हैं।
मोबाइल नंबर के अलावा सब कुछ होता है फर्जी
इंटरनेट पर मसाज पार्लर के नाम से सर्च करते ही आपके सामने एक लंबी लिस्ट सामने आ जाती है, लेकिन इनमें आधे से अधिक के नंबर सही होने के साथ ही पते फर्जी होते हैं। इन मसाज पार्लरों में दिए गए आधे से अधिक पते ऐसे हैं, जो शहर में हैं ही नहीं। इसके बावजूद इस पर कोई निगाह नहीं रखता।
वॉट्सएेप और कॉल पर भेजते हैं लड़कियां
सेक्स रैकेट चलाने वाले आरोपी वॉट्सएेप पर ही पता और जगह बताते हैं। ये लोग दिन में अपनी जगह पर लोगों को बुलाते हैं, वहीं रात के समय आरोपी ग्राहक के ठिकाने पर लड़कियों को भेजते हैं।
इसलिए नहीं पकड़ पाती पुलिस
सोशल साइट और वॉट्सएेप पर सेक्स रैकेट चलाने वालों का पता फर्जी मिलता है। इसके साथ ही वह फर्जी नाम और पते की सिम चलाते हैं। ऐसे में पुलिस के कार्रवाई करने पर भी आरोपी बच निकलते हैं। एसएसपी किरण एस ने कहा कि अगर जिले में कहीं भी इस तरह से सेक्स रैकेट चल रहे हैं, तो उनकी जांच कर छापा मारकर कार्रवाई की जाएगी।
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इंटरनेट के मुताबिक शहर में यहां चल रहे सेक्स रैकेट
सदरपुर सेक्टर—45, सेक्टर—72, निठारी गांव, सेक्टर—51, सेक्टर—42 समेत कर्इ अन्य पतों पर ये सेक्स रैकेट चल रहे हैं।