
अरविंद केजरीवाल की जीत सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए खतरे की घंटी, गुजरात मॉडल फेल
गाजियाबाद. मोदीनगर अग्निकांड में चौकी इंचार्ज के निलंबन के बाद अब मोदीनगर के थानाध्यक्ष पर गाज गिरी है। एसपी ग्रामीण को विभागीय जांच में इंस्पेक्टर मोदीनगर का शिथिल पर्यवेक्षण प्रदर्शित होना पाया गया है और अवैध भंडारण एवं कैंडल फैक्ट्री के विरुद्ध सामयिक कार्रवाई नहीं करना पाया गया है। इस जांच के आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से थाना प्रभारी मोदीनगर देवपाल पुंडीर को निलंबित कर दिया है। अब विभागीय जांच के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रिपोर्ट साैंपी जाएगी।
बता दें कि मोदीनगर इलाके के गांव बखारवा में मोमबत्ती बनाने वाली अवैध फैक्ट्री में लगी आग के कारण सात महिला और एक किशोर की जान चली गई। इसके बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा भी फूटा तो इसकी गूंज लखनऊ तक जा पहुंची। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए मृतक और घायलों के परिजनों को आर्थिक सहायता दिए जाने के आदेश दिए। साथ ही न्यायिक जांच के भी आदेश देते हुए खुद मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की थी।
इसके बाद गाजियाबाद के एसएसपी कलानिधि नैथानी ने तत्काल प्रभाव से स्थानीय चौकी इंचार्ज रफीक अहमद को निलंबित कर दिया। वहीं अब जांच के बाद मोदीनगर के थानाध्यक्ष की भी इस मामले में लापरवाही मानते हुए थानाध्यक्ष देव पाल पुंडीर को निलंबित कर दिया गया है। अब जल्द ही मुख्यमंत्री को इस पूरे मामले की रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
Published on:
07 Jul 2020 11:47 am
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