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गंगा जमना स्कूल में हिजाब मामले पर बड़ा एक्शन, कुर्क होगी फरार आरोपियों की संपत्ति

गंगा जमना स्कूल के हिजाब मामले में फरार आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने के संबंध में दमोह पुलिस अधीक्षक ने आदेश देते हुए कार्रवाई के लिए एक टीम गठित की है।
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दमोह

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Mohammad Faiz Mubarak

•

Updated: 10 Aug 2023, 5:19 PM IST

police action on ganga jamna school management accused

गंगा जमना स्कूल में हिजाब मामले पर बड़ा एक्शन, कुर्क होगी फरार आरोपियों की संपत्ति

मध्य प्रदेश के दमोह शहर में स्थित गंगा जमना स्कूल के हिजाब मामले में फरार आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने का आदेश आ गया है। इस संबंध में दमोह पुलिस अधीक्षक ने आदेश देते हुए कार्रवाई के लिए एक टीम गठित कर दी है। आपको बता दें कि, स्कूल में हिजाब मामले को लेकर स्कूल संचालक मुहम्मद इदरीस समेत 10 कुल आरोपी फरार हैं। पुलिस अधीक्षक के आदेश के बाद अब जल्द ही सभी फरार आरोपियों की संपत्ति कुर्क की जाएगी।

याद हो कि, दमोह शहर का ये वही गंगा-जमना हायर सेकंडरी स्कूल है, जहां के 18 छात्र-छात्राओं ने बोर्ड परीक्षा में एक साथ टॉप किया था। इसके बाद स्कूल संचालक ने टॉपर्स का पोस्टर बनवाकर लगाया था। इस पोस्टर में 15 छात्राओं की फोटो हिजाब के साथ लगी हुई थीं, जिनमें से 4 छात्राएं हिंदू थीं। हिंदू छात्राओं का हिजाब में फोटो देख हिंदू संगठनों ने जमकर विरोध किया। मामले के तूल पकड़ने पर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने एसपी को जांच के आदेश दिए। यही नहीं, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने भी जिला प्रशासन को जांच के निर्देश दिए। इसके बाद जिला प्रशासन ने जिला शिक्षा अधिकारी एसके मिश्रा से जांच कराई,
जिसमें स्कूल प्रबंधन को क्लीनचिट मिल गई।

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हिंदू संगठनों के विरोध के बाद फिर शुरु हुई जांच

स्कूल को क्लीनचिट मिलने पर हिंदू संगठन और भड़क उठे। हिंदू संगठन के कार्यकर्ता वाहन रैली लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए और जमकर प्रदर्शन किया। हिंदू संगठनों ने स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग की। इसके बाद फिर जांच कराई गई। जांच में पता चला कि, छात्राओं को स्कूल में हिजाब ही पहनाया जाता था। इसके बाद कार्रवाई का सिलसिला शुरु हुआ, जिसके नतीजों ने जांच टीमों को चौंकाकर रख दिया।


स्कूल में बिना हिजाब नहीं हो सकती थी एंट्री

घटना सामने आने के बाद बाल आयोग की टीम ने भी स्कूल का निरीक्षण किया था, जिसमें सामने आया कि, स्कूल धर्मांतरण का अड्डा बना हुआ था। बच्चियों को डरा धमकाकर हिजाब पहनाया जाता और बिना हिजाब स्कूल में एंट्री पर पाबंदी थी। स्कूल में धर्मांतरण और बड़े पैमाने पर इस्लामिक साहित्य मिला था। स्कूल में केजी फर्स्ट के बच्चों को 5 पिलर्स ऑफ इस्लाम पढ़ाया जाता था। हिंदू लड़कियों के एडमिशन फॉर्म पर हिजाब वाला पासपोर्ट फोटो जरूरी था। इस मामले में पुलिस ने स्कूल प्रबंधक, प्राचार्य समेत स्टाफ पर मामला दर्ज किया था। स्कूल संचालकों पर 295 क 506 IPC जेजे एक्ट की धारा 75 और 87 धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

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सीएम ने की थी स्कूल की मान्यता रद्द

मामले में रोजाना नए नए पैच सामने आने के बाद पिछले दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गंगा जमना हायर सेकेंडरी स्कूल की मान्यता रद्द करने का आदेश दिया था। 2 जून 2023 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ट्वीट करते हुए लिखा कि, 'दमोह के एक विद्यालय में अनियमितताएं पाए जाने पर उसकी मान्यता तत्काल प्रभाव से निरस्त की गई। मेरे भांजे-भांजियों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मध्यप्रदेश सरकार ऐसे कृत्यों के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।'


प्राचार्य समेत तीन गिरफ्तार

वहीं, अबतक इस मामले में प्राचार्य समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसके अलावा स्कूल संचालक हाजी इदरीस खान समेत 10 आरोपी अब भी फरार हैं। 2 टीचर अनस अतहर, रुस्तम अली और प्राचार्य असफा शेख द्वारा जमानत याचिका लगाई गई थी, जिसमें पूर्व में दमोह कलेक्टर और एसपी के ट्वीट को आधार बनाकर कहा गया था कि, दोनों अधिकारियों द्वारा पूर्व में क्लीन चिट दे दी गई थी। न्यायालय ने दमोह कलेक्टर और एसपी को भी तलब किया था। लेकिन, सभी के तर्कों को सुनकर न्यायलय ने आरोपियों की जमानत याचिका ख़ारिज कर दी थी।