
कुछ करने का जज्बा हो तो सारी परेशानियां छोटी लगने लगती हैं। ऐसा ही कुछ शासकीय विद्यालय में देखने मिला। जहां एक बालिका दोनों हाथ नहीं होने के बाद भी हौसले के साथ 10वीं की परीक्षा दे रही है। पढऩे लिखने में होशियार बालिका कलेक्टर बनना चाहती है। हम बात कर रहे हैं पीपरी से ७ किमी दूर आदर्श नगर निवासी बालिका शांता पिता कमलसिंह सोलंकी की। जो प्रतिदिन पुंजापुरा के शासकीय हाईस्कूल पहुंच रही हैं।
कम्प्यूटर-मोबाइल चलाने में भी माहिर शांता
कम्प्यूटर-मोबाइल चलाने में भी माहिर शांता के जन्म से ही दोनों हाथ नहीं है। 8वीं में 85 फीसदी अंक प्राप्त करने के बाद अब 10वीं की परीक्षा दे रही हैं। परीक्षा में वह कोहनी की मदद से पेन पकड़कर परीक्षा देती है। उसकी हिन्दी-इंग्लिश की लिखावट भी काफी सुंदर है। पेन चलाना, कॉपी के पेज पलटना व आसानी से करती हैं। साथ ही मोबाइल चलाने व कम्प्यूटर की बोर्ड चलाने का काम भी आसानी से कर लेती है।
Updated on:
14 Feb 2024 08:44 am
Published on:
14 Feb 2024 08:42 am
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