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रोजेदार रईस ने उठाए कंडे, शकील और सुमेर ने जमाई चिता की लकड़ियां

देर रात पिता का शव जिला अस्पताल में रखवाया गया, क्योंकि घर पर पत्नी और बेटी के अलावा कोई नहीं था....
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देवास। राधागंज निवासी 68 वर्षीय सुखदेव पाटीदार का रविवार देर शाम घर में निधन हो गया। देर रात उनका शव जिला अस्पताल में रखवाया गया, क्योंकि घर पर पत्नी और बेटी के अलावा कोई नहीं था। कोरोना के खौफ के मारे पड़ोसी घरों में दुबके थे। ऐसे में खबर लगते ही मीडियाकर्मी सक्रिय हुए। सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी भी पाटीदार के निवास पहुंचे। शव को सभी के प्रयासों से जिला अस्पताल भिजवाया गया।

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शकील ने उनके घर टीम भेजकर कोविड-19 टेस्ट भी शनिवार को करवाया था। अब मौत के बाद अंतिम संस्कार कैसे होगा इसकी चिंता सताने लगी। शकील अपने साथियों सुमेर दरबार (समाजसेवी), संजय दायमा, रईस शेख और सुरेंद्र बागर पाटीदार परिवार की आस बन कर देर रात से ही अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुट गए।

सभी साथियों ने मिलकर सामग्री जुटाई। रईस शेख रोजे की हालत में भी अंतिम संस्कार कराने गए। स्व. सुखदेव की केवल दो पुत्रियां हैं। जिसमें एक विदिशा और दूसरी मंदसौर में है। सोमवार सुबह उन्होंने चिता बनाई और सुखदेव की बेटी रोशनी ने पिता को मुखाग्नि दी।