
शिवपुराण में बेलपत्र का विशेष महत्व बताया गया है। वहीं इसे लेकर कई नियमों का उल्लेख भी शिवपुराण में मिलता है। माना जाता है कि आप कितनी भी श्रद्धा से भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर लें, लेकिन यदि बेलपत्र नहीं चढ़ाया, तो शिव जी की यह पूजा अधूरी मानी जाएगी। ऐसे में शिव पूजा का पूरा फल पाने के लिए बेल पत्र को शिवपूजा में अनिवार्य बताया गया है। यहां आपको बता दें कि शास्त्रों में पांच पत्तों वाला बेलपत्र सबसे शुभ और चमत्कारी माना गया है। इस बेलपत्र का शिवपूजा में विशेष महत्वपूर्ण माना गया है। हालांकि पांच पत्ती वाला बेलपत्र आसानी से नहीं मिलता। लेकिन यदि पांच पत्ती वाला बेलपत्र शिवजी को चढ़ाया जाए तो वह तुरंत प्रसन्न होते हैं।
ज्योतिषाचार्य पं. जगदीश शर्मा के मुताबिक शास्त्रों में पांच पत्ती वाला बेलपत्र सबसे श्रेष्ठ माना गया है। दरअसल इस पांच पत्ती वाले बेलपत्र को पंच देवता यानी ब्रह्मा, विष्णु, महेश, गणेश और मां भगवती का प्रतीक माना गया है। इसीलिए कहा गया है कि यदि शिवजी को पांच पत्ती वाला बेलपत्र अर्पित किया जाए, तो वह तुरंत प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं और हर मनोकामना पूरी करते हैं। वहीं शास्त्रों में पांच पत्ती वाले बेलपत्र के कुछ उपाय भी बताए गए हैं, जिन्हें करने से सेहत से लेकर विवाह में आने वाली बाधाएं तक दूर हो जाती है। बेलपत्र के ये उपाय एक बार जरूर आजमाएं...
मनोकामना पूर्ति के लिए
सोमवार के दिन सुबह स्नान के बाद शिव जी पर बेलपत्र के पांच पत्तों के साथ दूध और शहद चढ़ाएं। ऐसा करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाएंगी। आपको यह उपाय 11 सोमवार तक करना होगा। हर सोमवार को अपनी मनोकामना दोहराते हुए आप शिवजी को पांच पत्तों वाला बेलपत्र, दूध और शहद चढ़ाएं। आपकी मनोकामना जल्द ही पूरी होगी।
सेहत को लेकर हैं परेशान तो करें ये काम
स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से परेशान हैं तो, 108 बेलपत्र चंदन में डुबो दें। अब ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करते हुए उन्हें शिव जी को अर्पित करें। इस दौरान भगवान शिव से अपने अच्छे स्वास्थ्य की कामना करें। ऐसा करने से आपकी सेहत संबंधी परेशानियां दूर होने लगेंगी और आप स्वस्थ रहने लगेंगे।
विवाह में आ रही हैं अड़चनें तो करें ये उपाय
अगर किसी व्यक्ति के विवाह में बार-बार कोई अड़चन आ रही है। या किसी भी वजह से विवाह में देर हो रही है, तो पांच सोमवार तक शिव मंदिर में भोलेनाथ का जलाभिषेक करें। उन्हें 108 बेलपत्र अर्पित करें। इस दौरान ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करते रहें। ऐसा करने से आपके सारी बाधाएं दूर होंगी और विवाह के योग बनेंगे। भगवान शिव के साथ सोमवार के दिन मां पार्वती की पूजा-अर्चना करना न भूलें।
Updated on:
8 Feb 2023, 2:56 PM IST
Published on:
8 Feb 2023, 2:30 PM IST
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