
श्रावन मास में करें बाबा महाकाल के इस तांत्रिक मंत्र की चमत्कारिक साधना
देवो के देव महादेव को हिन्दू धर्म में सर्वोच्च स्थान प्राप्त हैं, अतिशीघ्र प्रसन्न होकर अपने भक्त की इच्छा पूर्ण करने वाले शिव शंकर को भोलेनाथ भी कहते है, तंत्राधिपति बाबा महाकाल की अनेक तांत्रिक मंत्रों द्वारा की जाने वाली साधना भी देव पूजा ही कहलाती हैं । तंत्र मंत्रों में से एक है शिव शाबर मन्त्र, तंत्र शास्त्र के अनुसार इस मंत्र की साधना से भगवान महाकाल शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं, और अपने भक्तों के सभी कष्टों को हर लेते है ।
कहा जाता हैं कि शिव शाबर मंत्र स्वयं में सिद्ध होते है इसलिए इन्हें सिद्ध करने की ज्यादा आवश्यकता नहीं होती, लेकिन इनको चमत्कारी व शक्तिशाली बनाने के लिए नियमित उच्चारण करना अति आवश्यक होता हैं । इस शिव शाबर मन्त्र की सहायता से बड़ी से बड़ी समस्याओं का निवारण हो जाता है ।
तांत्रिक शिव शाबर मंत्र
आद अंत धरती, आद अंत परमात्मा
दोनो वीच बैठे शिवजी महात्मा, खोल घड़ा दे दडा
देखा शिवजी महाराज तेरे शब्द का तमाशा
शिव शाबर मंत्र साधना विधि
भगवान शिव की आराधना करते समय जितना ध्यान पूजा विधि-विधान आदि पर दिया जाता है, उससे अधिक यदि भगवान शिव के प्रति समर्पण भाव व द्रढ़ विश्वास है तो वह अधिक कार्य करता है ।
विधि - वैसे तो साल में किसी भी सोमवार के दिन से इस साधना को शुरू कर सकते है लेकिन सावन मास में इस साधना को करने से इसके ज्यादा चमत्कारिक परिणाम सामने आते है । घर के पूजा स्थल में एक कोरा लाल कपडा बिछाकर भगवान शिव की फोटो या मूर्ति स्थापित कर धूप-दीप जलाकार तांबे के लौटे में शुद्ध जल रखें । अब श्री गणेश जी व अपने सदगुरु जी का ध्यान करते हुए सीधे हाथ में जल लेकर संकल्प ले लें । संकल्प के बाद शिव शाबर मंत्र का जप 501 बार या 1100 बार करें । को कंठस्त याद करें | लगातार सवा घंटे आप मंत्र के जप करें या आप अपने सामर्थ्य अनुसार इससे अधिक भी कर सकते है | माला या बिना माला के दोनों ही प्रकार से आप मंत्र जप कर सकते है | यदि माला द्वारा मंत्र जप करते है तो रुद्राक्ष की माला का ही प्रयोग करें ।
पूर्ण विश्वास और द्रढ़ संकल्प के साथ लगातार 41 दिनों तक शिव शाबर तांत्रिक साधना को करें । साधना काल में प्रतिदिन जप पूर्ण होने के बाद भगवान शिव के मंदिर जाकर शिवलिंग का जल से अभिषेक अवश्य करें । इस शिव साधना से बड़ी से बड़ी मुश्किल भी दूर होने लगती है, घर में सुख-सम्रद्धि, व्यवसाय में उन्नति व नौकरी में अड़चन, रोग से मुक्ति, वैवाहिक जीवन में कलह और शत्रु से छुटकारा ये सभी कार्य सिद्ध स्वतः ही सिद्ध होने लगते हैं ।
Published on:
30 Jul 2018 03:43 pm
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