
FlyDubai flight (फोटो-ANI)
Flydubai Attack Probe: सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार फ्लाईदुबई की इजराइल जाने वाली फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में को-पायलट द्वारा कैप्टन पर जानलेवा कुल्हाड़ी हमले की घटना की स्वतंत्र एयर सेफ्टी जांच शुरू कर दी है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह जांच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) द्वारा की जा रही एक अलग जांच के साथ-साथ चलेगी। इस जांच से वैश्विक स्तर पर एयरलाइनों में पायलटों की भर्ती प्रक्रिया, कॉकपिट सुरक्षा और बिना किसी पर दोष मढ़े उड़ान को सुरक्षित बनाने की अंतरराष्ट्रीय प्रणाली की परीक्षा होगी।
यह घटना 30 सितंबर को उस समय हुई जब दुबई से इजराइल के तेल अवीव जा रहा फ्लाईदुबई का बोइंग 737 मैक्स विमान (फ्लाइट FZ1073) सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र से गुजर रहा था। आरोप है कि को-पायलट ने कॉकपिट में रखी इमरजेंसी कुल्हाड़ी से कैप्टन पर हमला किया और विमान को क्रैश कराने की कोशिश की। इस दौरान विमान अचानक तेजी से नीचे की ओर जाने लगा, लेकिन क्रू और यात्रियों की सूझबूझ से एक बड़ी दुर्घटना टल गई। विमान में सवार सभी यात्री और क्रू सुरक्षित रहे और किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
सामान्य तौर पर हवाई जहाज के हादसे के बाद सुरक्षा जांच का मकसद यह पता लगाना होता है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है। यह जांच आमतौर पर किसी एक व्यक्ति को दोषी ठहराने के बजाय सुरक्षा प्रणालियों को बेहतर बनाने पर केंद्रित होती है। लेकिन फ्लाई दुबई मामले में स्थिति अलग है, क्योंकि जांच कॉकपिट के अंदर जानबूझकर किए गए हमले पर केंद्रित है।
अंतर्राष्ट्रीय नियम ऐसे मामलों में सुरक्षा जांच को अनिवार्य नहीं बनाते हैं। फिर भी, सऊदी अरब ने जांच को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। यही वजह है कि यह जांच केवल इस घटना तक सीमित नहीं रह सकती। इसके निष्कर्ष पायलट की भर्ती, बैकग्राउंड चेक, कॉकपिट सुरक्षा और एयरलाइन सुरक्षा प्रोटोकॉल से जुड़ी चर्चाओं को प्रभावित कर सकते हैं।
इस घटना के बाद एक बड़ा सवाल उठा है कि कमर्शियल एयरलाइन पायलट के तौर पर नौकरी देने से पहले किसी व्यक्ति के बैकग्राउंड और प्रोफेशनल हिस्ट्री की कितनी बारीकी से जांच की जाती है? रॉयटर्स के अनुसार, अलग-अलग देशों की एजेंसियां अभी को-पायलट की ट्रेनिंग और एविएशन बैकग्राउंड की जांच कर रही हैं। रिपोर्टों में सामने आया है कि उसकी पिछली ट्रेनिंग और प्रोफेशनल हिस्ट्री की भी समीक्षा की जा रही है।
इसका मतलब है कि सऊदी सुरक्षा जांच सिर्फ 30 सितंबर को कॉकपिट के अंदर हुई घटनाओं पर ही केंद्रित नहीं होगी, बल्कि यह भी जांच की जा सकती है कि एयरलाइन ने उस व्यक्ति को कैसे भर्ती किया और इंटरनेशनल पायलट स्क्रीनिंग सिस्टम में किसी भी संभावित चेतावनी के संकेतों को कैसे संभाला गया।
सऊदी अरब की सुरक्षा जांच के साथ-साथ UAE में एक अलग आपराधिक जांच भी की जा रही है। चूंकि फ्लाईदुबई एयरलाइन दुबई में स्थित है और विमान भी UAE में रजिस्टर्ड था, इसलिए अंतरराष्ट्रीय विमानन जांच ढांचे में इस देश की भूमिका अहम है। UAE के अभियोजकों ने इस घटना को आतंकवादी हमला बताया है और कहा है कि जांच का मकसद हमले से जुड़े हालात, मकसद और संभावित कनेक्शन का पता लगाना है।
चूंकि विमान अमेरिका में बना बोइंग 737 मैक्स था, इसलिए US नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) ने भी जांच के लिए एक प्रतिनिधि नियुक्त किया है। अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के तहत, उस देश की भागीदारी अनिवार्य है जहां विमान का निर्माण हुआ था।
फ्लाइट में सवार ज्यादातर लोग इजराइली नागरिक थे। रॉयटर्स के अनुसार, इजराइल की एयर सेफ्टी जांच अथॉरिटी के प्रमुख ओफर वाकनिन ने कहा है कि इजराइल ने सऊदी अरब की अगुवाई वाली सेफ्टी जांच में शामिल होने की पेशकश की है, लेकिन अभी तक उन्हें कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है। यह स्थिति इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि सऊदी अरब और इजराइल के बीच कोई राजनयिक संबंध नहीं हैं।
Updated on:
08 Oct 2026 10:49 am
Published on:
08 Oct 2026 10:49 am
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