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Dholpur: राजस्थान में धौलपुर पुलिस की 5जी स्पीड, 40वीं रैंक से पहुंचे नम्बर वन

नए बीएनएस कानून 1 जुलाई 2024 को लागू हुए तो उस वक्त धौलपुर पुलिस रैंक में 40 वे नम्बर पर थी लेकिन सीखते और दौड़ते हुए आज नम्बर वन रैंक पर पहुंच गई। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान कहते हैं कि ये सब टीम वर्क का नतीजा है, आज धौलपुर पुलिस 94.94 अंक के साथ राजस्थान नम्बर अव्वल है।
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Dholpur news

पुलिस अधीक्षक कार्यालय

धौलपुर. जेन-जी के जमाने में अब राजस्थान पुलिस की स्पीड 3जी और 4जी से आगे बढकऱ समय के साथ 5जी हो गई है। गवाहों के बयान, साक्ष्य, नक्शा, जब्ती और अन्य अनुसंधान कार्य अब सब ऑनलाइन हो रहे हैं। किसी केस में गवाह की जयपुर से बयान कराने हो तो वह वीसी के जरिए शुरू हो चुके हैं। यानी गवाह का भी समय और खर्चा भी नहीं और समय पर बयान से केस की फाइल भी समय से कोर्ट में पहुंच रही है। फाइल भी ई-फाइलिंग है, पहुंचे अनुसंधान अधिकारी लेकर जाता था लेकिन अब सबकुछ स्मार्ट पुलिसिंग के जरिए हो रहा है।

नतीजा ये रहा नए बीएनएस कानून 1 जुलाई 2024 को लागू हुए तो उस वक्त धौलपुर पुलिस रैंक में 40वे नम्बर पर थी लेकिन सीखते और दौड़ते हुए आज नम्बर वन रैङ्क्षकग पर पहुंच गई। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान कहते हैं कि ये सब टीम वर्क का नतीजा है, पहले टीम को बताना होता है कि गोल कहां पर करना है और किस तरह होगा, जिस टीम भावना से मैदान पर खेलना है, जो हमने किया है। आज धौलपुर पुलिस 94.94 अंक के साथ राजस्थान नम्बर अव्वल है। इसके बाद रेंज में करौली द्वितीय 93.48 अंक तथा दौसा तृतीय 93.08 अंक के साथ रहा। जिले में करीब 96 फीसदी एफआइआर आनॅलाइन के जरिए भेजी जा रही हैं।

बैठक कम, फील्ड में हो काम

धौलपुर पुलिस में बीते एक साल से कामकाज का ढर्रा बदला है। बैठकों का दौर कम हुआ है। एसपी सांगवान कहते हैं कि एक दफा टीम या अनुसंधान अधिकारी को गाइड कीजिए और लाइन बताए, फिर फील्ड में काम होना है। साथ ही नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से अधिकारियों से कार्यों की प्रगति का फीडबैक लिया जाता है तथा सामने आने वाली कमियों को दूर कर बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाता है।

कोर्ट में 3374 एफआइआर पहुंची

जिले में जनवरी से 29 सितम्बर तक 19 पुलिस थानों में 3500 एफआइआर दर्ज हुई। जिसमें जांच के बाद 3374 कोर्ट में दाखिल की। यह करीब 96.40 फीसदी रहा। जबकि चार्जशीट और एफआर के मामले में पुलिस के साइबर थाने को छोडकऱ सभी 100 फीसदी रहे।

ऑपरेशनल एफिशिएंसी में भी मजबूत प्रदर्शन

रैंकिंग में ऑपरेशनल एफिशिएंसी बल को सर्वाधिक 45 प्रतिशत भारांक दिया गया है। इस श्रेणी में धौलपुर ने 40.65 अंक प्राप्त किए हैं। यह जिले में अपराध नियंत्रण, प्रभावी पुलिस कार्रवाई, कानून-व्यवस्था एवं मैदानी स्तर पर पुलिसिंग को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है।इसी तरह प्रशासनिक व्यवस्था में 10 में से 10 अंक प्राप्त करना भी धौलपुर पुलिस की प्रशासनिक कार्यप्रणाली एवं विभिन्न स्तरों पर बेहतर समन्वय को दर्शाता है।

तकनीक आधारित पुलिसिंग पर विशेष जोर

धौलपुर पुलिस ने पारंपरिक पुलिसिंग के साथ-साथ तकनीक आधारित एवं डेटा आधारित पुलिसिंग को भी प्राथमिकता दी जा रही है। आईसीटी एप्लीकेशन्स के प्रभावी उपयोग, डिजिटल माध्यमों के बेहतर एकीकरण तथा पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक त्वरितए पारदर्शी, जवाबदेह एवं परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

आदतन सट्टेबाजों को जेल, जमानत खारिज

गत दिनों नवीन बीएनएस कानून के तहत कोतवाली थाना पुलिस ने कई आदतन सट्टेबाजों के खिलाफ कार्रवाई की। नए कानून के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया और फिर कोर्ट में पेश किया। जहां पर जमानत खारिज हो गई। करीब चार-पांच सट्टेबाजों को जेसी कर दिया और फिर हाइकोर्ट में प्रार्थना पत्र जमानत के लिए दाखिल किया। नवीन कानून को लेकर पुलिस अब आदतन और पेशवर अपराधियों के खिलाफ सख्ती से जुटी है।

- टीम भावना के साथ सभी ने कार्य किया और आज हम प्रदेश में अव्वल है। वर्तमान पुलिसिंग में चैलेंज काफी है लेकिन तकनीकी और स्मार्ट पुलिसिंग के साथ कार्य करने की जरुरत है। आज हम वीसी जरिए गवाहों के बयान करा रहे हैं। ई-सम्मन हो रहे हैं और ई-साक्ष्य ऐप पर बयान ले रहे हैं। यह सब राजस्थान की नई पुलिसिंग है।

- विकास सांगवान, पुलिस अधीक्षक धौलपुर

ये पुलिस थाने रहे अव्वल

थाना एफआइआर फीसदीकोतवाली धौलपुर 321 100

सदर धौलपुर 286 100सैंपऊ थाना 247 100

साइबर थाना 43 100निहालगंज 252 99.60

बाड़ी सदर 176 99.43नादनपुर 89 98.88

महिला थाना 175 98.86मनियां थाना 315 97.78

सरमथुरा 181 97.24(नोट: उक्त थानों ने कोर्ट में पेश की ई-फाइल)