
सुनीपुर गांव स्थित लाइब्रेरी
Dholpur, सरमथुरा. उपखंड क्षेत्र की 21 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी ग्रामीण युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही हैं। आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभावान छात्रों को अब सेल्फ स्टडी के लिए शहर भागने का झंझट भी खत्म हो गया है। गांवों में डिजिटल लाइब्रेरी खुलने से ग्रामीणों का शिक्षा को लेकर नजरिया भी बदला है। इसके साथ ही स्कूलों के विकास, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को भी बढ़ावा मिला है। जिससे गांवों में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है।
सरमथुरा पंचायत समिति अन्तर्गत गांवों में शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ा बदलाव करते हुए निवर्तमान प्रधान द्रोपती देवी ने 5 बर्ष में ग्रामीण बच्चों, युवाओं और बेटियों के उत्थान व गांवों में शिक्षा के क्षेत्र में बहुत बदलाव किया है। उन्होंने सरकारी योजनाओं को धरातल पर पहुंचा कर शिक्षा के साथ साथ ग्रामीण आधारभूत ढांचे को सुधार कर जमीनी स्तर पर विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया है।हालांकि प्रधान द्रोपती देवी की औपचारिक शिक्षा सीमित रही है, लेकिन निस्वार्थ भावना के साथ ग्रामीण बच्चों की पीड़ा को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव लाकर सराहनीय कदम उठाया है। प्रधान द्रोपती भले ही खुद अनपढ़ है लेकिन बच्चों पढ़ा लिखाकर डॉक्टर, इंजीनियर बनाने के बाद शिक्षा की महत्ता को अच्छी तरह जानती है।
प्रधान के साथ इंजीनियर बेटे ने भी जनसेवा का मार्ग चुनकर विधायक का सफर तय किया है। बसेड़ी क्षेत्र की जन समस्याओं व सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए विधायक संजय जाटव प्रयासरत है। गांवों में शिक्षा के साथ ग्रामीण आधारभूत ढांचे और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने से कई गांवों में बदलाव देखने को मिला है।
-21 ग्राम पंचायतों में 25 डिजिटल लाइब्रेरी:
पंचायत समिति क्षेत्र की 21 ग्राम पंचायतों में 25 डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित किए जाने को शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। इन लाइब्रेरियों में विद्यार्थियों के लिए फर्नीचर के साथ आरओ सिस्टम और वाटर कूलर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं को स्थानीय स्तर पर अध्ययन का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।
-स्कूलों में करीब 9 करोड़ के विकास कार्य:
डांग विकास योजना के तहत करीब 9 करोड़ रुपए की लागत से विद्यालयों में कक्षा-कक्ष निर्माण और मरम्मत कार्य कराए गए हैं। इससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में काम हुआ है। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों के सौंदर्यीकरण के साथ पेयजल सुविधाओं के विस्तार पर भी ध्यान दिया गया।
-गांवों में बुनियादी सुविधाओं पर दिया जोर:
ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक भवन, चौपाल, सीसी रोड और साफ-सफाई से जुड़े कार्य भी कराए गए। सामुदायिक भवन और चौपाल बनने से ग्रामीणों को सामाजिक एवं सामूहिक कार्यक्रमों के लिए सुविधाएं मिलीं है। वहीं सीसी रोड निर्माण से आवागमन सुगम हुआ और साफ-सफाई अभियानों के माध्यम से गांवों को स्वच्छ बनाने पर जोर दिया गया।
Updated on:
02 Oct 2026 07:32 pm
Published on:
02 Oct 2026 07:32 pm
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