
मचकुंड सरोवर में मरी हुई मछलियों को बाहर निकलते सफाई कर्मी
धौलपुर. शहर के करीब तीर्थराज मचकुंड सरोवर में बड़ी संख्या में घाटों पर मछलियां मृत मिलने से लोग और श्रद्धालु दंग रह गए। यहां घाटों पर मृत मछलियां तैर रही थी, जिससे एक बारगी तो घबरा गए। श्राद्ध पक्ष शुरू होने से शहर के लोग यहां पितरों को जल तर्पण करने पहुंचे थे। सूचना पर नगर परिषद आयुक्त विष्णु परमार समेत अन्य मौके पर पहुंचे और स्थिति देख वह भी दंग रह गए।
घटना की वजह जानने के लिए मृत मछली का सैम्पल लेकर उसे भरतपुर फॉरेसिंक जांच और पानी का नमूना पीएचईडी कार्यालय भेजा है। जांच रिपोर्ट आने पर ही मौत की असल वजह मालूम हो पाएगी। प्रथम दृष्टया सरोवर के पानी में ऑक्सीजन की कमी होना माना जा रहा है।उधर, नगर परिषद प्रशासन ने हाल में संपन्न हुए देवछठ मेला के बाद सरोवर के पानी को साफ रखने के लिए इसमें फिटकरी का घोल डलवाया था। हालांकि, विशेषज्ञों ने फिटकरी के घोल से मौत होने की संभावना पर आशंका जताई है। उधर, ऑक्सीजन की कमी होना एक बड़ी वजह होने की संभावना है। जल में सिल्ट अधिक होने पर अमूमन ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इस तरह के मामले भरतपुर में सुजान गंगा नहर और कामां के विमल कुंड में भी आ चुके हैं।
लैब की रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज...
मचकुंड सरोवर में सैकड़ों की संख्या में मृत मछलियां की मौत की असल वजह को लेकर नगर परिषद की ओर से मृत मछली का सैम्पल भरतपुर फॉरेसिंक लैब को भेजा है। साथ ही पानी की गुणवत्ता जांच के लिए नमूना पीएचईडी कार्यालय को भेजा है। दोनों रिपोर्ट आने के बाद ही मौत से पर्दा उठ पाएगा।
श्रद्धालुओं ने सरोवर में डाली दी प्रसादी
हाल ही में मचकुंड सरोवर में लक्खी मेले का आयोजन हुआ था। मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सरोवर पर पहुंचे थे। लाडली जगमोहन मंदिर महंत कृष्णदास ने बताया कि देव छठ मेले के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा सरोवर में अनाज, पूड़ी-सब्जी और अन्य खाद्य सामग्री डाली गई थी। ऐसे में बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री पानी में जाने से सरोवर के पानी की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
- सूचना मिली कि मचकुंड सरोवर में मृत मछलियां का ढेर लगा है। जिस पर वह पहुंचे और स्थिति देखी। मौत की वजह जानने के लिए फॉरेसिंक लैब में सैम्पल भेजा है। पानी का नमूना पीएचईडी कार्यालय को दिया है। देवछठ मेला आयोजन के बाद हर साल पानी सफाई के लिए फिटकरी के घोल का पानी डालते हैं, जो इस दफा भी डाला था। पर असल वजह क्या रही, यह जांच रिपोर्ट आने पर ही मालूम हो सकेगा।
- विष्णु परमार, आयुक्त, नगर परिषद धौलपुर
Updated on:
27 Sept 2026 06:49 pm
Published on:
27 Sept 2026 06:49 pm
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