
-मण्डी समिति का काम ठप तो व्यापारियों की भी दुकानें बंद
-बिकवाली को आने वाले किसानों ने किया किनार, पल्लेदारों के आगे संकट
-एडीएम, नगर आयुक्त से गुहार, एसडीएम का दौरा तब भी मंडी जलमग्न
धौलपुर. जिले की सबसे बड़ी कृषि उपज मण्डी जलमग्न है। मण्डी समिति के ऑफिस से लेकर दुकानों और गोदामों के बाहर तीन से चार फीट तक पानी भरा हुआ है। मण्डी समिति सहित व्यापारी प्रशासन से लेकर नगर परिषद तक दुहाई लगा चुके हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं। सुनवाई न होने से गोदामों में रखा सैकड़ों क्विंटल अनाज खराब हो गया है। जिससे व्यापारियों को हजारों लाखों रुपए की चपत लग रही है। तो मण्डी समिति का काम भी ठप पड़ा हुआ है।
चौक और उफनते चैम्बर लोगों को ना भूलने वाला घाव दे रहे हैं। शहर प्रशासन और परिषद चैम्बरों की सफाई और जलभराव को दूर करने का ढिंढोरा पीट रहा है, लेकिन शहर का जलभराव कम होता नहीं दिख रहा। दर्जनों कालोनियां ऐसी हैं, जहां जलभराव ने लोगों का सुख और चैन छीन लिया है। जिले की सबसे बड़ी कृषि उपज मण्डी में भी पिछले एक माह से ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है। जहां बारिश और चैम्बरों से उफनते पानी ने मण्डी परिसर को तालाब बना दिया है। हालांकि यह समस्या यहां पिछले एक साल से बनी हुई है, लेकिन आज तक न प्रशासन और न नगर परिषद मण्डी की इस समस्या को दूर कर सके हैं। हालात यह हैं कि फसल बेचने आने वाले किसान भी धीरे-धीरे कम हो रहे हैं जिससे पल्लेदारों के लिए भी मुश्किल हो रही औरमाल ढिलाई कार्य प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों सहित मण्डी समिति के अधिकारियों और कर्मचारियों को ऑफिस और दुकानों में जाना हो तो गंदे पानी में से होकर जाना पड़ता। जिसमें सांप और कीड़ी-मकोड़ों तैरते रहते हैं।
तीन से चार फीट भरा परिसर में पानी
मण्डी समिति के मुख्य ऑफिस से लेकर कई जगह जलभराव तीन से चार फीट तक हो रहा है। व्यापारियों ने बताया कि भारी जलभराव के कारण गोदामों में रखा सैकड़ों क्विंटल अनाज (मंूग, बाजरा, गेहूं और सरसों) सड़ और गल चुका है। जिससे कई व्यापारियों को लाखों रुपए की चपत तक लग चुकी है। हालात यह हैं कि पानी में तैरते सांप और कीडों के डर के मारे गोदामों से वह अनाज भी नहीं निकाल पा रहे। तो वहीं लगातार हो रहे जलभराव से कई दुकानों में दरारें तक हो चुकी हैं कई दुकानों का फर्स तक धंस चुका है। डर के साए में व्यापारी अपनी दुकानों पर बैठने को मजबूर हैं।
दुकानें बंद, व्यापारियों को धंधा चौपट
कृषि उपज मण्डी के व्यापारियों ने बताया कि गौशाला क्षेत्र की तरफ से उफनते चैम्बरों के पानी ने मण्डी परिसर की हालत दयनीय कर दी है। यहां 70 से 75 दुकानें हैं जिनमें कुछ गोदाम भी हैं। बाहर की कुछ दुकानों को छोडकऱ शेष दुकानों और मण्डी ऑफिस तक के बाहर तीन से चार फीट तक पानी भरा हुआ है। व्यापारियों की खरीद के लिए बने प्लेटफार्म भी पानी से घिरे हुए हैं। जिससे कई व्यापारियों ने अपनी दुकानें तक बंद कर रखी हैं। जिससे उनका धंधा भी चौपट हो रहा है और किसान भी बिकवाली को नहीं आ पा रहे।
प्रशासन ने की आंखें बंद, नहीं दे रहे ध्यान
पिछले एक साल से जलभराव की समस्या से जूझ रहे मण्डी के अधिकारी, कर्मचारियों से लेकर व्यापारियों ने समस्या को दूर करने एडीएम से शिकायत और नगर आयुक्त से दुहाई तक लगा चुके हैं तो वहीं एसडीएम भी मण्डी का दौरा कर चुकी हैं। जिसके बावजूद भी अभी तक जलभराव की समस्या से कृषि उपज मण्डी को राहत नहीं मिल सकी है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर प्रशासन से लेकर नगर परिषद भी जलभराव की समस्या को दूर करने कितने संजीदा हैं।
तुलाई केन्द्र पानी में डूबे, किसान हुए कम
धौलपुर की कृषि उपज मंडी भारी बारिश और उफनते चैम्बरों के कारण जलमग्न हो गई है, जिससे मंडी का कामकाज ठप हो गया है और किसानों को अपनी फसल बेचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव की वजह से मंडी के मुख्य द्वार, रास्ते और सरकारी तुलाई केंद्र पूरी तरह डूब गए हैं, जिससे व्यापारियों और किसानों के लिए मंडी परिसर में पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। मण्डी में चहुंओर भरे गंदे पानी की वजह से फसल खराब न हो जिस कारण किसान भी अब यहां बिकवाली करने से कतराने लगे हैं।
पिछले बीस दिनों से चैम्बरों से उफनते पानी के कारण मण्डी परिसर तालाब बना हुआ है। समिति के ऑफिस के बाहर तीन से चार फीट पानी भरा है। ऑफिस के लोगों को इसी गंदे पानी में से होकर आना जाना पड़ता है जिसमें सांप घूमते रहते हैं। परिषद से शिकायत कर चुके हैं लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
-कैलाश मीणा, सचिव कृषि मण्डी समिति
Updated on:
9 Sep 2025, 6:39 PM IST
Published on:
9 Sep 2025, 6:39 PM IST
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