3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जानिए ड्रेसिंग सेंस से सेहत का कनेक्शन

क्या आपने सोचा है कि आपका ड्रेसिंग सेंस आपकी हेल्थ को इफेक्ट करता है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Shankar Sharma

•

Updated: 21 Apr 2018, 6:03 AM IST

 ड्रेसिंग सेंस

क्या आपने सोचा है कि आपका ड्रेसिंग सेंस आपकी हेल्थ को इफेक्ट करता है। दरअसल, अलग-अलग शोधों के जरिए वैज्ञानिकों ने आपके कपड़ों से आपके मूड और स्वभाव का पता लगाने की कोशिश की है और शोध बताते हैं कि किस तरह कपड़े व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करते हैं। कपड़ों की अहमियत ही है कि डिफरेंट फील्ड के लिए कुछ खास ड्रेस कोड भी निश्चित कर दिया गया है, जैसे पायलट के लिए अलग यूनिफॉर्म, तो डॉक्टर के लिए अलग ड्रेस कोड।

डॉक्टर की ड्रेस से बढ़ता कॉन्फिडेंस
नॉर्थ-वेस्टर्न यूनिवर्सिटी के केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के एक शोध के मुताबिक डॉक्टर्स की ड्रेस पहनने से कॉन्फिडेंस बढ़ता है। दरअसल, शोधकर्ताओं ने डॉक्टर और पायलट के यूनिफॉर्म को बुद्धिमत्ता से जोडक़र देखा है। उनका मानना है कि इस ड्रेस को पहनकर व्यक्ति आत्म-विश्वास से लबरेज रहता है।

एथलीट सूट से मोटिवेशन
शोध में यह बात सामने आई है कि वर्कआउट के लिए पहना जाने वाला आउटफिट आपको ज्यादा एक्टिव बनाता है। इससे आप अपने वर्कआउट पर ज्यादा फोकस कर पाते हैं। जब आप जिम जाते हैं, तो उस समय वर्कआउट के लिए बने खास कपड़े पहनने से मोटिवेशन मिलता है।

लाल रंग से मिलती है जीत
इसी तरह रंगों का भी असर आपके व्यक्तित्व पर पड़ता है। एक शोध के मुताबिक लाल रंग के वर्कआउट ड्रेस पहनने से व्यक्ति हैवी वेट लिफ्ट कर पाते हैं। यह शोध साल 2004 के ओलंपिक में यह देखने के बाद हुआ था कि जिन एथलीट्स ने लाल कपड़े पहने थे, उन्होंने ब्ल्यू पहनने वाले एथलीट्स के मुकाबले ज्यादा इवेंट्स जीते थे। अगर आप भी हार्ड एक्सरसाइज करना चाहते हैं तो लाल रंग का वर्कआउट ड्रेस पहनें। हालांकि, वैज्ञानिक इस पर अभी और शोध कर रहे हैं।

एक्सरसाइज आउटफिट से मिलता है मोटिवेशन
एक अन्य शोध कहता है कि एक्सरसाइज और वर्कआउट के कपड़े पहनने से मोटिवेशन मिलता है। इसी तरह फॉर्मल बिजनेस सूट पहनकर व्यक्ति ताकतवर महसूस करते हैं। अब तो आप समझ गए होंगे कि आपकी ड्रेसिंग सेंस कैसे आपके व्यक्तित्व को प्रभावित करती है। फैशन डिजाइनर्स का मानना है कि हर फैशन और स्टाइल के पीछे साइकोलॉजी होती हैं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।