27 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

शाकाहार भोजन खाने के ये फायदे नहीं जानते होंगे आप

नॉनवेज खाने वालों की आंत में भी नकारात्मक बैक्टीरिया पाए गए लेकिन वे शाकाहारी लोगों से भिन्न थे। शाकाहार से रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक बनी रहती है।
less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर

•

image

Vikas Gupta

•

Nov 12, 2019

शाकाहार भोजन खाने के ये फायदे नहीं जानते होंगे आप

Know the benefits of eating vegetarian food

शाकाहारी भोजन लोगों की आंत को स्वस्थ रखता है। इससे अच्छे बैक्टीरिया बनते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में किए गए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि मनुष्य का पाचन तंत्र बैक्टीरिया से घिरा होता है जो खाद्य पदार्थों को पचाने में सहायता करते हैं। फरीदाबाद स्थित ट्रांसलेशनल हेल्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट के इंडियन माइक्रोबायोम (सूक्ष्मजीव) पर ग्रामीणों पर एक अध्ययन में पाया गया कि उनकी आंत में नकारात्मक बैक्टीरिया अधिक थे, ऐसा इसलिए था क्योंकि डीएनए का विश्लेषण करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली किट सकारात्मक की तुलना में नकारात्मक बैक्टीरिया के प्रति अधिक संवेदनशील थी। नॉनवेज खाने वालों के आंत में नकारात्मक बैक्टीरिया पाए गए लेकिन वे शाकाहारी लोगों से भिन्न थे।

पॉजिटिव बैक्टीरिया के बाहरी झिल्ली में लिपोपोलिसैक्साइड (एलपीएस) की कम मात्रा होने से आंत में सूजन आती है। इस सूजन से इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (आइबीएस) होती है। ग्राम-पॉजिटिव बैक्टीरिया पोलिसैक्साइड को तोड़ने के लिए अधिक एंजाइम उत्पन्न करते हैं, जो पौधे आधारित खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। बाहरी झिल्ली ग्राम-नकारात्मक जीवाणु एंटीबायोटिक दवाओं के लिए अधिक प्रतिरोधी बनाते हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि ग्रामीणों में माइक्रोबायोम की विभिन्नता सबसे ज्यादा थी। इसके बाद शहरी और फिर लेह के निवासियों में थी।

सकारात्मक बैक्टीरिया से कब्ज की समस्या दूर-
सकारात्मक बैक्टीरिया आंत और शरीर के लिए अच्छे होते हैं, इनसे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती, सूजन को कम और हंगर हॉर्मोन को नियंत्रित रखती है। खानपान में फाइबर होने से मल ज्यादा बनता है और आंतों का संकुचन अच्छे से होता है, जिससे कब्ज की समस्या नहीं रहती है, ग्राम सकारात्मक बैक्टीरिया, एंजाइम शरीर के लिए जरूरी चीजें बनाते हैं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।