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विटामिन सी व फाइबर डाइट लेने से जिंजिवाइटिस में मिलता है आराम

मसूड़ों में संक्रमण होना आमतौर पर जिंजिवाइटिस या पायरिया के नाम से जाना जाता है। इसके बारे में जानते हैं-
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जयपुर

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Jyoti Kumar

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Updated: 24 Aug 2023, 7:30 PM IST

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मसूड़ों में संक्रमण होना आमतौर पर जिंजिवाइटिस या पायरिया के नाम से जाना जाता है। इसके बारे में जानते हैं-

इस तरह समझें
मसूड़ों की बीमारी एक तरह का संक्रमण होता है जो दांतों के नीचे हड्डियों तक फैल जाता है। प्रारंभिक रूप से इसे पायरिया भी कहते हैं। जबकि मसूड़ों में सूजन, पस भरना, हड्डी गलना जैसी समस्याएं इसकी गंभीर स्थिति है, जिसे पेरियोडॉन्टिस कहा जाता है।

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ये हैं प्रमुख कारण
धूम्रपान, मधुमेह से ग्रसित होना, हार्मोन में बदलाव, आनुवांशिक रूप से ग्रसित होना, पोषण में कमी आदि शामिल हैं।

इन लक्षणों से पहचानें
सांस के साथ मुंह से बदबू आना।
मुंह का जायका बिगडऩा।
मसूड़ों से सूजन व खून आना।
ब्रश करने में दर्द होना, खून आना।
दांत ढीले पडऩा या हिलना।
कुछ चबाने पर दर्द होना।

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इस तरह करें बचाव
फ्लोराइड टूथपेस्ट के साथ रोजाना दो बार ब्रश करें।
ब्रशिंग का सही तरीका अपनाएं।
प्लेक (गंदगी) हटाने के लिए फ्लॉस (दांतों को बीच में से साफ) करें।
धूम्रपान व तंबाकू की आदत से बचें।
साल में कम से कम एक बार दांतों व मसूड़ों की स्केलिंग (सफाई) करवाएं।


ऐसी हो डाइट
विटामिन-सी युक्त आंवला, संतरा जैसे फल व फाइबर युक्त आहार लें।
अच्छे व संतुलित आहार का चुनाव करें। शरीर में कैल्शियम की कमी न हो।
पिज्जा जैसे फास्ट फूड से दूर रहें।
टॉफी-चॉकलेट से बचाव करें।
कॉफी या चाय ज्यादा न लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।