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बीवी से इतना प्यार कि मौत के बाद भी सहन नहीं कर पाया जुदाई, घर में ही दफना ली लाश

टीचर के प्रेम की अजब कहानी...घर में दफन लाश को लोगों की शिकायत के बाद पुलिस ने निकलवाया...
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डिंडोरी

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Shailendra Sharma

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Updated: 25 Aug 2022, 3:26 PM IST

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डिंडौरी. वैसे तो लोग अपने जुर्म को छिपाने के लिए घर में लाश को दफन करते हैं लेकिन डिंडौरी में एक टीचर ने बीवी के प्यार को हमेशा जिंदा रखने के लिए घर में उसकी कब्रगाह बना डाली। टीचर की पत्नी की मौत लंबी बीमारी के बाद हुई थी और वो पत्नी से इतना प्यार करता था कि मौत के बाद भी उससे जुदा नहीं होना चाहता था यही वजह थी कि उसने परिवारवालों की मर्जी के खिलाफ जाकर घर में ही पत्नी की लाश को दफन कर लिया था। हालांकि आसपास के लोगों ने जब इस बात की जानकारी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को दी तो उन्होंने घर से महिला की लाश निकलवाकर उसका अंतिम संस्कार कराया।

टीचर के अजब प्रेम की गजब कहानी
मामला डिंडौरी का है जहां रहने वाले वार्ड-14 में बिरसा मुंडा स्टेडियम के पास टीचर ओमकार दास मोगरे का मकान है। ओमकार दास इमलई में सरकारी शिक्षक है। जिनकी शादी 25 साल पहले रुक्मणी नाम की महिला से हुई थी। रुक्मणी से ओमकार बेहद प्यार करते थे। दोनों की कोई संतान नहीं है जिसके कारण रुक्मणी और ओमकार दोनों ही एक दूसरे का सहारा थे। लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था रुक्मणी को सिलकसेल नामक बीमारी हो गई। धीरे-धीरे बीमारी बढ़ती गई और तमाम प्रयासों के बावजूद मंगलवार की सुबह रुक्मणी की मौत हो गई। पत्नी की मौत का पति ओमकार को गहरा सदमा लगा वो बीवी की जुदाई बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे लिहाजा उन्होंने हमेशा पत्नी को अपने पास रखने के लिए घर में पत्नी रुक्मणी की लाश को दफन कर लिया। परिवारवालों ने ओमकार को ऐसा करने से मना किया लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी।

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शव निकालने पहुंचा प्रशासन तो किया विरोध
टीचर ओमकार के पत्नी की लाश को घर में ही दफन करने की बात जैसे ही आसपास रहने वाले लोगों को पता चली तो वो दहशत में आ गए और तुरंत पुलिस को जानकारी दी। लेकिन जब पुलिस में सुनवाई नहीं हुई तो रहवासी कलेक्टर के पास पहुंचे और पूरी बात बताई। कलेक्टर के संज्ञान में मामला आने के बाद प्रशासनिक अमला टीचर ओमकार के घर पहुंचा। जहां पहले तो ओमकार ने पत्नी के शव को निकालने का विरोध किया और अमले से कहा कि मैं दानव और मानव दोनों को समान समझता हूं और मैं पत्नी के बिना घर में अकेले नहीं रह सकता। हालांकि बाद में प्रशासनिक अमले ने किसी तरह घर में दफन शव को निकाला और उसे रीति रिवाज के साथ नर्मदा किनारे ले जाकर दफन कराया।

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