
फोटो पत्रिका
Teachers Transfer : राजस्थान में कई वर्षों से दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों की सरकारें बारी-बारी से बनी और हर बार सरकार ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों के नीति बनाने के नाम पर कोहनी पर गुड़ ही लगाया है। तृतीय श्रेणी के अध्यापक तबादलों पर लगे प्रतिबंध हटने के इंतजार में जिदंगी काट रहे हैं। राजनीतिक पार्टियां चुनावी घोषणा पत्र में तबादलों को लेकर पारदर्शी स्थानांतरण नीति बनाने और सरकार बनने के साथ ही तबादलों करने के जुमले के साथ सत्ता में आती हैं। पर, सत्ता में आने के साथ ही यह मुद्दा बिसरा दिया जाता है। कई बार शिक्षकों को तबादले के लिए आवेदन भी करवा दिए जाते हैं। ऐसे में शिक्षक घर वापसी की उम्मीदें बांधते हैं। पर, ऐनवक्त पर सरकार तबादलों से मुंह मोड़ लेती है।
तृतीय श्रेणी शिक्षकों को छोड़कर अन्य सभी शिक्षक संवर्गों से हर साल ऑनलाइन आवेदन करवाए जाते हैं और पारदर्शी स्थानांतरण के दावे किए जाते हैं। पर, हर सरकार डिजायर के आधार पर ही तबादला करती है। स्थायी तबादला नीति का अभाव प्रदेश में साफ नजर आ रहा है। ऑनलाइन आवेदन केवल खानापूर्ति है। आवेदनों के लिए शिक्षक नेताओं एवं उनके निजी सहायकों के घरों के चक्कर काटकर डिजायर तैयार करवाते हैं। पर, तबादले नहीं होने से यह कागज फिर रद्दी की टोकरी में ही पड़े रह जाते हैं।
तृतीय श्रेणी शिक्षकों की बात करें, तो वर्ष 2018 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने आखरी बार तबादले किए थे। मौजूदा प्रदेश सरकार का डेढ़ वर्ष का कार्यकाल हो गया है। पर, अब तक शिक्षा विभाग एक भी बार तबादला नहीं कर पाया है और नहीं नीति बना पाया है। जबकि, मौजूदा सरकार के कार्यकाल में दो बार तबादलों से प्रतिबंध हटाया है। पहली बार 10 से 20 फरवरी 2024 एवं दूसरी बार एक से दस जनवरी 2025 तक प्रतिबंध हटाया। इस समयावधि में अन्य सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के ट्रांसफर हुए। पर, शिक्षा विभाग से प्रतिबंध लगा रहा।
1- राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश उपाध्यक्ष डा. ऋषिन चौबीसा, जिलाध्यक्ष बलवंत बामणिया एवं जिला उपाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह चौहान ने कहा कि स्थानान्तरण नीति बनाकर पारदर्शी तरीके से शिक्षकों के तबादले करने करने चाहिए। शिक्षक वर्षों से इंतजार कर रहे हैं। उन्हें राहत दें।
2- राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम के जिलाध्यक्ष अशोक गामोठ, जिलामंत्री अरविंद पाटीदार, प्रदेश उपाध्यक्ष मोहित त्रिवेदी ने कहा कि तबादलों को लेकर सरकार को कोई ठोस नीति बनानी चाहिए तथा हर वर्ष ग्रीष्मावकाश में शिक्षकों को इच्छित जिलों या ब्लॉक में स्थानांतरण करना चाहिए। गंभीर बीमारी एवं एकल महिलाओं को वरीयता मिले।
प्रदेश के शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के गत दिनों सांवरियाजी में हुए प्रांतीय अधिवेशन में बोर्ड परीक्षा के बाद स्थानान्तरण करने की घोषणा की थी। पर, बोर्ड परीक्षा होने के तीन माह बाद भी तबादलों पर प्रतिबंध नहीं हटा है।
प्रारभिक एवं माध्यमिक शिक्षा में प्रदेशभर में वर्तमान में कुल 2 लाख 41 हजार 60 तृतीय श्रेणी लेवल वन एवं लेवल टू के शिक्षक कार्यरत हैं। बात जिले की करें, तो यहां 8 हजार 467 तृतीय श्रेणी शिक्षक कार्यरत हैं। गौरतलब है कि गत प्रदेश सरकार ने 14 अगस्त 2021 को पत्र जारी कर शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से 18 से 25 अगस्त 2021 तक तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। इसमें 80 हजार 781 तृतीय श्रेणी शिक्षकों ने आवेदन किया था। पर, यह प्रक्रिया बाद में रोक दी गई। चार वर्षों में यह संख्या बढ़कर करीब एक लाख से अधिक हो गई है।
Updated on:
30 Jun 2025 12:05 pm
Published on:
30 Jun 2025 12:05 pm
