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चार साल में चार बार मांग चुके आधार नंबर और बैंक खाते, फिर भी 4 हजार पेंशनर भटक रहे पेंशन के लिए

नगर निगम की लापरवाही के कारण 4 हजार बुजुर्ग पेंशनधारी हर महीने परेशान हो रहे हैं। शासन द्वारा आर्थिक सहायता के रूप में दी जाने वाली पेंशन की राशि इनके खाते में नहीं पहुंच रही है।
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दुर्ग

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Naresh Verma

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Updated: 10 Sep 2018, 9:57 PM IST

Durg patrika

निगम की चेतावनी को हल्के में न लें, तीन व्यापारियों पर लगाया 25-25 हजार जुर्माना

दुर्ग. नगर निगम की लापरवाही के कारण शहर के 4 हजार बुजुर्ग पेंशनधारी हर महीने परेशान हो रहे हैं। शासन द्वारा आर्थिक सहायता के रूप में दी जाने वाली पेंशन की राशि इनके खाते में नहीं पहुंच रही है। निगम प्रशासन व्यवस्था सुधारने के नाम पर 4 साल में कम से कम 4 बार पेंशनधारियों के आधार नंबर, पेंशन कार्ड और बैंक खाते की जानकारी मांग चुका है।

राज्य व केंद्र सरकार द्वारा वृद्धों, विधवा, नि:शक्त व जरूरतमंदों को विभिन्न योजनाओं के तहत पेंशन के रूप में आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाती है। इन पेंशन योजनाओं की राशि अपात्रों द्वारा उड़ाए जाने, मृत व्यक्तियों के नाम पेंशन लेने व वितरण के दौरान हितग्राहियों से वसूली जैसी शिकायतें की जाती रही है। इसे देखते हुए मैनुअल के बजाए बैंक खातों में पेंशन वितरण की व्यवस्था की गई है।इसके बाद भी हितग्राहियों की परेशानी दूर नहीं हो रही है।

25 फीसदी हर माह वंचित

नगर निगम में 17 हजार से ज्यादा पेंशनधारी है। विपक्षी दल कांग्रेस के पार्षदों के मुताबिक हर महीनें इनमें से करीब 25 फीसदी यानि लगभग 4 हजार पेंशनधारियों के खाते में राशि नहीं आने की शिकायत रहती है। इन्हें बाद में अलग से शिविर लगाकर पेंशन दिया जाता है।

संविदा कर्मी के हाथ में व्यवस्था

नगर निगम द्वारा पेंशन का महत्वपूर्ण कार्य संविदा में रखे गए कर्मचारी द्वारा कराया जा रहा है। पेंशन संबंधी डाटा एंट्री से लेकर भुगतान की व्यवस्था तक इसी एक कर्मी द्वारा किया जाता है। जिम्मेदार कर्मचारी नहीं होने के कारण इसमें लापरवाही बरते जाने की शिकायत भी पेशनधारी करते हैं।

पेंशन का मकसद नहीं हो रहा पूरा

गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले व जिनके पास जीवकोपार्जन का कोई दूसरा जरिया नहीं है उनको आर्थिक सहायता। अलग-अलग योजनाओं के तहत 350 से 6 50 रुपए तक सहायता।पेंशनधारियों के खाते में सीधे भुगतान किया जाना है, लेकिन हर माह इंतजार करना पड़ रहा है। शिविरों मैनुअल वितरण में थंब इंप्रेशन नहीं मिलने से 3 से 4 माह से पेंशन नहीं मिल रहा है।

इसलिए हो रही परेशानी

पेंशन सीधे हितग्राहियों बैंक खाते में डाला जाना है। इसकी जगह निगम प्रशासन द्वारा पहले आइसीआइसीआई बैंक में राशि जमा कराई जाती है। इसके बाद बैंक द्वारा यह राशि पेंशनधारियों के खाते में भुगतान किया जाता है।

यह भी परेशानी
बैंक से कई पेंशनधारियों के खाते में राशि नहीं पहुंचती। उन्हें मैनुअल वितरण किया जाता है। मैनुअल वितरणमें थंब इम्प्रेशन की जरूरत होती है। इम्पे्रशन मैच नहीं होने पर भुगतान नहीं किया जाता। जिनके बैंक खाते में राशि जाती है, उन्हें पैसे निकालने के लिए रुपे कार्ड दिए गए हैं। कई पेंशनधारियों को एटीएम में रुपे कार्ड डालकर पैसे निकालना नहीं आता।

सभी बकाया का भी जल्द भुगतान

दुर्ग महापौर चंद्रिका चंद्राकर का कहना है कि पेंशन वितरण में थोड़ी दिक्कत है। इससे बचने डीबीटी सिस्टम से सीधे एकाउंट में पैसा भेजने की व्यवस्था की जा रही है। इसमें पूर्व व्यवस्था के तहत हितग्राहियों के पहले से आधार नंबर लिंक होने के कारण थोड़ी तकनीकी दिक्कत है। इसमें सुधार किया जा रहा है। जल्द सभी बकाया का भी भुगतान हो जाएगा।