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प्रदेश का पहला ऐसा गांव जहां के रहवासियों को नहीं मिलेगा संचार क्रांति योजना का लाभ

जिला मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायत सिवनी के आश्रित ग्राम औराभाठा में शासन की लापरवाही से इस गांव के सभी 70 परिवार को मोबाइल नहीं मिल पाएगा। इसका कारण सिर्फ ग्रामीणों को पट्टा नहीं दे पाना है।
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बालोद

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Chandra Kishor Deshmukh

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Updated: 11 Sep 2018, 8:08 AM IST

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प्रदेश का पहला ऐसा गांव जहां के रहवासियों को नहीं मिलेगा संचार क्रांति योजना का लाभ

बालोद. एक ओर प्रदेश सरकार लोगों को संचार क्रांति की दुनिया से जोडऩे के लिए हर गांव में संचार क्रांति योजना में मोबाइल फोन का वितरण करवा रही है, वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायत सिवनी के आश्रित ग्राम औराभाठा में शासन की लापरवाही से इस गांव के सभी 70 परिवार को मोबाइल नहीं मिल पाएगा। इसका कारण सिर्फ ग्रामीणों को पट्टा नहीं दे पाना है।

आधिकारियों की लापरवाही, ग्रामीण हो रहे योजनाओं से वंचित
ताज्जुब की बात ये हैं कि सौ साल से पहले से बसे इस गांव को अब तक राजस्व ग्राम में शामिल नहीं किए जाने के कारण ग्रामीणों को निवास पट्टा नहीं मिल पाया है। इस कारण से ही वे शासन के इस महत्वपूर्ण योजना से वंचित रह गए। इसके लिए जिम्मेदार ग्रामीण सिर्फ शासन व प्रशासन को मान रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है आधिकारियों की लापरवाही के कारण ग्रामीण शासन की योजनाओं से वंचित हैं। इस गांव के किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने तक का अधिकार नहीं है। कहा जाए यह ऐसा पहला ग्राम है जहां के लोगों को संचार क्रांति का लाभ नहीं मिलेगा।

जलाशय बनाने के दौरान किया गया था विस्थापित
ग्रामीण चंद्रकांत ओटी ने बताया 100 साल से ज्यादा समय हो गया यहां निवास करते हुए। तांदुला बांध के निर्माण के चलते इस जगह पर व्यवस्थापन किया गया था, पर कई बार पट्टे की मांग किए, पर विडंबना ये रही कि पट्टे की जगह नोटिस मिलता रहा, नतीजा यह है कि यहां के ग्रामीण बिना पट्टे के ही रह रहे हैं।

पूर्व कलक्टर ने करवाया था सर्वे
मिली जानकारी के मुताबिक ग्रामीणों के जनदर्शन में शिकायत के बाद पूर्व कलक्टर राजेश सिंह राणा ने इस गांव में सर्वे कर पट्टा जारी करने आदेशित किए थे। उसके बाद राजस्व अमने ने जमीन की नाप लेकर रिपोर्ट तैयार की थी। सर्वे का क्या हुआ इसकी ठोस जानकारी नहीं दी गई। अब पट्टे का मामला रायपुर सिंचाई विभाग के मुख्य कार्यालय में लंबित है।

ग्रामीण बोले नहीं तो करेंगे चुनाव बहिष्कार
मामले पर ग्राम पटेल झाड़ू राम ने कहा आखिर शासन प्रशासन क्यों गुमराह करते हंै। इतने वर्षों से सिर्फ पट्टे की मांग कर रहे हैं, पर सरकार प्रशासन तो ध्यान ही नहीं दे रहे। पट्टे नहीं मिलने की वजह से हम ग्रामीण शासन की कई योजनाओं से वंचित रह गए हैं। अब अगर जल्द पट्टा नहीं दिया तो आने वाले चुनाव का बहिस्कार भी कर सकते हैं। ग्रामीण नवल सिंह ओटी, राधे मंडावी, घनाराम सेवता, चंद्रकांत ओटी केशव मांडवी, दिवाकर नेताम सहित सैकड़ो ग्रामीणों ने तत्काल पट्टे दिलाने की मांग की है।

सिंचाई विभाग बोला रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी थी
मामले में सिंचाई विभाग के ईई एसके टीकम ने जानकारी दी कि उन्होंने ग्राम औराभाठा के ग्रामीणों को पट्टा दिलाने के लिए सर्वे के आधार पर पूरी रिपोर्ट एसडीएम को दे दी है। अब आगे की कार्रवाई एसडीएम से होगी।

एसडीएम बोले रायपुर में लंबित है मामला
एसडीएम हरेश मंडावी ने कहा रायपुर सिंचाई विभाग से एनओसी मिलने पर पट्टा वितरण किया जाएगा। सिंचाई विभाग से मिली फाइल को पूरे ग्रामीणों के नाम, गांव सहित रायपुर सिंचाई विभाग के मुख्य कार्यालय भेजी गई है, पर वहां से अभी एनओसी रिपोर्ट नहीं आई है। जैसे ही एनओसी आएगी तो तत्काल इन ग्रामीणों को पट्टा का वितरण करेंगे।