आपको बता दें कि अभी तक लगभग 120 करोड़ भारतीयों का आधार कार्ड बनाया जा चुका है। जिसमें लोगों को 12 डीजिट का एक यूनिक नंबर, उनके फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैनर, और जनसांंख्यिक प्रोफाइल तैयार किया जाता है। आधार कार्ड का डेटाबेस दुनिया का सबसे बड़ा बायोमेट्रिक डेटाबेस है। आधार भारतीय लोगों को कई तरह के सरकारी सुविधाओं का लाभ लेेने के लिए तथा उनके आवासीय पहचान पत्र होता है। सरकार ने बैंक खातों, मोबाइल नंबर जैसी सुविधाओं को अवैध कार्यों से बचाने के लिए इन्हे आधार से लिंंक करना अनिवार्य कर दिया है, जिसके लिए पहले 31दिसंबर 2017 डेडलाइन तय किया गया था। बाद में इसे बढ़ाकर 31 मार्च 2018 कर दिया गया।