3. इस नोटिफिकेशन के तहत लद्दाख क्षेत्र को भी यूनियन टेरिटरी बनाया गया है, लेकिन यहां कोई विधायिका नहीं होगी। लद्दाख क्षेत्र भूमि के मामले में बहुत बड़ा क्षेत्र है, लेकिन यहां आबादी बेहद ही कम और आम जनजीवन के लिए यह काफी मुश्किल क्षेत्र माना जाता है। यहां के लोगों ने लंबे समय से यूनियन टेरिटरी का दर्जा मांगा था।