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UP Assembly elections 2022: सियासी रण के साथ ही व्यक्तिगत लड़ाई का गवाह बन रही रामपुर विधानसभा सीट

रामपुर विधानसभा सीट के सियासी इतिहास की बात करें तो इस सीट पर पिछले कई वर्षों से एक ही नाम का जलवा रहा है और वो नाम है मोहम्मद आजम खान का। आजम खान इस सीट से सपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। सासंद होने के बावजूद विधानसभा का चुनाव लड़ने के पीेछे की कहानी भी बेहद दिलचस्प है।
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लखनऊ

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Vivek Srivastava

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Updated: 30 Jan 2022, 9:43 PM IST

सियासी रण के साथ ही व्यक्तिगत लड़ाई का गवाह बन रही रामपुर विधानसभा सीट

सियासी रण के साथ ही व्यक्तिगत लड़ाई का गवाह बन रही रामपुर विधानसभा सीट

UP Assembly elections 2022: बिरयानी, कबाब, कोरमा, शाही टोस्ट, दलीम, हब्शी हलवा, सोहन और रबड़ी के लिए मशहर रामपुर विधानसभा सीट के सियासी इतिहास की बात करें तो इस सीट पर पिछले कई वर्षों से एक ही नाम का जलवा रहा है और वो नाम है मोहम्मद आजम खान का। आजम खान, रामपुर शहर विधानसभा सीट से 9 बार विधायक रह चुके हैं। उनके सांसद बनने के बाद भी यह सीट उन्हीं के परिवार के पास ही रही। और उनकी पत्नी तंजीम फातिमा अभी इस सीट से विधायक हैं। हालांकि एक बार फिर आजम खान इस सीट से सपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। सासंद होने के बावजूद विधानसभा का चुनाव लड़ने के पीेछे की कहानी भी बेहद दिलचस्प है।

दरअसल आजम खान बस एक शख्स के लिए विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं और उस शख्स का नाम है आकाश सक्सेना। आकाश सक्सेना ने एक के बाद एक करीब 30 मुकदमे आजम खान के ऊपर लाद दिये जिसकी वजह से उन्हें और उनके परिवार को जेल की हवा खानी पड़ी। हालांकि अब उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और उनकी पत्नी जेल से रिहा हो चुके हैं। लेकिन आजम खान अब भी सीतापुर जेल में बंद हैं। वहीं आकाश सक्सेना इस बार के चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार हैं। कहा जा रहा है कि आजम खान, आकाश सक्सेना को हराने के लिए ही सांसद होते हुए विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं।

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50 फीसदी मतदाता मुस्लिम

रामुपर विधानसभा सीट पर आज तक कोई भी गैर मुस्लिम उम्मीदवार नहीं जीता है। वजह ये कि यहां लगभग 3 लाख 18 हजार मतदाताओं की संख्या वाली इस सीट पर तकरीबन 50 फीसदी मतदाता मुस्लिम ही हैं।

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इस बार के उम्मीदवार

रामपुर विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास

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