
कंगना रनौत ने राहुल गांधी पर साधा निशाना। (फोटो सोर्स: instagram @kanganaranaut, @giva.co and IANS)
Kangana Ranaut Aesthetic Expression: बॉलीवुड एक्ट्रेस और BJP सांसद कंगना रनौत ने एक बार फिर ज्वेलरी ब्रांड GIVA के लिए कृति सेनन के रक्षाबंधन ऐड से जुड़े विवाद पर बात की है। शुरू में कैंपेन में कृति के कपड़ों की आलोचना करने के बाद, कंगना ने अब बताया है कि उन्हें ऐड पर क्यों आपत्ति थी। उनका तर्क था कि मुद्दा सिर्फ एक्ट्रेस के कपड़ों का नहीं था, बल्कि इस बात का था कि त्योहार को कैसे दिखाया गया। बता दें कि विरोध के बाद GIVA ने आखिरकार ऐड वापस ले लिया।
'डिकोड' के साथ हाल ही में हुए एक इंटरव्यू में कंगना ने कृति के कपड़ों की चॉइस पर बात की और कहा, "उन्हें कुछ भी पहनने से कौन रोक रहा है? आज तक उन्हें किसने रोका है? किसी को क्या पड़ी है कि वो क्या पहनकर आती हैं।"
कंगना ने यह भी बताया कि उन्हें क्यों लगता है कि विज्ञापन में सबसे बड़ी समस्या वह पोशाक नहीं थी। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि ब्रालेट उसमें एक छोटी सी चीज थी, लेकिन, हम हिंदू लोग उस परंपरा से आते हैं, तो हम इस बात पर सवाल उठा सकते हैं। इस विज्ञापन में माता-पिता कहां हैं? घर कहां है? हलवा-पूरी, भगवान, टीका, अक्षत, धूप, दीप, इनमें से कुछ भी नहीं है।"
कंगना ने त्योहार मनाने में पारंपरिक तत्वों के महत्व पर बात करते हुए कहा, "टीके के बिना काम नहीं चलेगा, राखी नहीं चलेगी।" उन्होंने आगे कहा, "आप कहते हैं कि एस्थेटिक्स मायने नहीं रखता। ऐसा नहीं है, त्योहार किसी संस्कृति और सभ्यता की सौंदर्यपूर्ण अभिव्यक्ति होती है।"
इसके साथ ही कंगना ने कृति के समर्थन में आए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर भी सवाल उठाए और पूछा कि उनकी पोस्ट में 'रक्षाबंधन' वर्ड क्यों नहीं था? उन्होंने कहा, "एक महिला रक्षाबंधन पर जो चाहे पहन सकती है।" रक्षाबंधन किसी भी सभ्यता और संस्कृति की धार्मिक अभिव्यक्ति है। जिस तरह पूजा के कुछ नियम होते हैं, उसी तरह त्योहार मनाने के भी कुछ पारंपरिक तरीके होते हैं।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कंगना ने आगे कहा कि उनकी सोच काफी भ्रमित है। उन्होंने महिलाओं और कपड़ों पर राहुल के विचारों पर भी सवाल उठाए और बुर्का पहनने वाली युवा लड़कियों से तुलना की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब तीन-तीन साल की बच्चियों को बुर्का पहनाया जाता है, तब राहुल गांधी इसे पितृसत्ता क्यों नहीं मानते? कंगना ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की सोच सनातन धर्म के खिलाफ है और वह इसी मुद्दे को लेकर लगातार निशाना साधते हैं। कंगना ने आगे कहा कि उन्हें नहीं लगता कि राहुल गांधी ने इस मुद्दे को राजनीतिक बनाया है। उनके मुताबिक, कृति सेनन का विज्ञापन पहले से ही राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुका था।
जब होस्ट सुधीर चौधरी ने पूछा कि क्या कृति ईद के ऐड में भी वही कपड़े पहनेंगी, तो कंगना ने मुस्लिम रीति-रिवाजों और हिंदू रिश्तों के बारे में बात करते हुए जवाब दिया। उन्होंने तर्क दिया कि रिश्तों में हिंदुओं की "गरिमा" और "सीमाएं" ज्यादा होती हैं। उनकी टिप्पणियां दोनों समुदायों के बीच अंतर के बारे में उनके अपने विचारों पर आधारित थीं।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब GIVA के रक्षाबंधन कैंपेन में कृति को आइवरी रंग के ब्रैलेट-स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट में दिखाए जाने पर ऑनलाइन आलोचना हुई। बाद में कृति ने अपनी पसंद का बचाव करते हुए लिखा, "संस्कृति और परंपराएं दिल में होती हैं, नेकलाइन में नहीं!" इसके बाद राहुल गांधी ने कृति का समर्थन करते हुए कहा कि किसी महिला के कपड़ों और जीवनशैली पर ऑनलाइन सवाल नहीं उठाए जाने चाहिए। आखिरकार, भारतीय संस्कृति, परंपराओं और लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए GIVA ने विज्ञापन वापस ले लिया।
Updated on:
27 Aug 2026 08:06 am
Published on:
27 Aug 2026 08:06 am
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