
तमन्ना भाटिया और साहिबा बाली के बीच विवाद (सोर्स: instagram- sahibabali/X-@MostlyKohli)
Tamannaah Bhatia Comment: अभिनेत्री और कंटेंट क्रिएटर साहिबा बाली ने तमन्ना भाटिया से जुड़े वायरल स्क्रीनशॉट पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि तमन्ना ने महिलाओं, धर्म और विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी साहिबा की टिप्पणियों पर नाराजगी जताई है।
हालांकि, साहिबा ने इन दावों को खारिज करते हुए स्क्रीनशॉट को पूरी तरह फर्जी बताया है। उनका कहना है कि यह बातचीत या तो एडिट की गई है या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार की गई है। साहिबा ने यह भी नाराजगी जताई कि सोशल मीडिया पर क्लिकबेट बनाने के लिए मशहूर हस्तियों के नाम और पहचान का इस्तेमाल किया जा रहा है।
रेडिट और इंस्टाग्राम पर एक स्क्रीनशॉट वायरल हुआ था, जिसमें ऐसा दिखाया गया कि तमन्ना भाटिया ने साहिबा बाली की एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उनकी टिप्पणियों की आलोचना की है। कथित टिप्पणी को एक त्योहार और धार्मिक आस्था से जुड़े बयान से जोड़कर पेश किया गया था। हालांकि, साहिबा ने स्पष्ट किया कि तमन्ना ने ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की है और दोनों के बीच किसी तरह की असहमति की बात भी गलत है।
गुरुवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर साहिबा ने इस दावे को मनगढ़ंत और पूरी तरह झूठा बताया और बोली कुछ बोलूं तो गालियां, चुप रहूं तो भी। उन्होंने कहा कि सुबह उठने पर उन्हें अपने बारे में ऐसी कहानी देखने को मिली, जिसमें उनकी कही गई बातों और एक साथी महिला कलाकार की कथित प्रतिक्रिया को गलत तरीके से पेश किया गया था। साहिबा के मुताबिक, वायरल स्क्रीनशॉट एडिटेड या एआई से बनाया गया हो सकता है। उन्होंने सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की कि इंटरनेट पर दिखाई देने वाली हर बात पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। साहिबा ने यह भी कहा कि लोगों को क्लिकबेट बनाने के लिए किसी की पहचान का इस्तेमाल करने के बजाय अपनी जिंदगी में दूसरी चीजों पर ध्यान देना चाहिए।
वायरल स्क्रीनशॉट में देवी दुर्गा से जुड़ी एक पोस्ट का संदर्भ दिया गया था। इस पोस्ट में देवी की शक्ति और क्रोध से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं की तुलना उन महिलाओं के प्रति समाज के रवैये से की गई थी, जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती हैं या अपने अधिकारों की मांग करती हैं।
ये पोस्ट मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञान कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों के साथ हुए कथित बर्ताव से भी जुड़ी थी। स्क्रीनशॉट में तमन्ना भाटिया के नाम से एक टिप्पणी दिखाई गई, जिसमें धार्मिक देवी-देवताओं को इस चर्चा में शामिल करने पर सवाल उठाए गए थे।
ये विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब साहिबा बाली सोशल मीडिया पर मिल रही गालियों और धमकियों को लेकर अपनी परेशानी जाहिर कर चुकी हैं। उन्होंने पहले भी अपमानजनक संदेशों के स्क्रीनशॉट साझा करते हुए बताया था कि सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखने के बाद उन्हें किस तरह की प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ता है।
साहिबा ने कहा कि वह किसी भी तरह की नफरत का समर्थन नहीं करतीं और मतभेदों को आपसी समझ और संवेदनशीलता के साथ सुलझाने में विश्वास रखती हैं। उन्होंने ये भी बताया कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की कीमत उन्हें अपनी आजीविका और सुरक्षा को लेकर चिंता के रूप में चुकानी पड़ रही है। अपनी परेशानी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि अब वह इस सब से थक चुकी हैं।
साहिबा ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में राजनीतिक विचारों को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर भी बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की समर्थक नहीं हैं, हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को अपना पसंदीदा राजनेता मानती हैं। उन्होंने कांग्रेस को कमजोर विपक्ष बताया और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आर्थिक योगदान को भी स्वीकार किया।
साहिबा ने सुप्रीम कोर्ट और भारत के मुख्य न्यायाधीश के प्रति सम्मान जताया, लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का समर्थन करने से इनकार किया। बता दें, साहिबा बाली 'लैला मजनू', 'डियर माया' और 'अमर सिंह चमकीला' जैसी फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। अभिनय के अलावा सोशल मीडिया पर राजनीति, धर्म और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखने के कारण भी वह चर्चा में रहती हैं।
Updated on:
15 Oct 2026 12:35 pm
Published on:
15 Oct 2026 12:32 pm
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