
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
इटावा. जनपद के बदनपुरा गांव में ग्राम प्रधान पद के लिए पूर्व दस्यु सुंदरी सुरेखा दिवाकर मैदान में हैं। सुरेखा जिसके नाम से लोगों के हलक सूख जाते थे, अब घर-घर जाकर लोगों के सामने हाथ जोड़कर वोट मांग रही हैं। उन्हें विश्वास है कि इस बार वह निश्चित ही ग्राम प्रधान का चुनाव जीतेंगी। सुरेखा पांच लाख के इनामी रहे कुख्यात डकैत सलीम पहलवान उर्फ सलीम गुर्जर की पत्नी हैं। 5 साल के बागी जीवन में सुरेखा पर जालौन के उरई में 11, भिंड में 3 और इटावा जनपद में आधा दर्जन से अधिक मुकदमे होने की वजह से उसे 14 साल जेल में बिताने पड़े। इसके बाद अदालत ने उसे सभी मुकदमों से बरी कर दिया है।
13 साल की छोटी सी उम्र में ही पूर्व दस्यु सुन्दरी सुरेखा को डकैत सलीम गुर्जर ने अगवा कर लिया था। क्योंकि उसे सुरेखा के पिता व थाना सहसों के चौकीदार देवी चरण पर मुखबिरी का शक था। सुरेखा उस वक्त पांचवीं कक्षा में पढ़ती थी। सुरेखा के मुताबिक, जंगल में ले जाकर सलीम ने उससे शादी कर ली। पुराने वाकये को याद कर वह बताती हैं कि वर्ष 2004 में सलीम गैंग और मध्य प्रदेश के भिंड जिले की पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई थी। उस वक्त वह गर्भवथी, जिसके चलते वह भाग न सकी और पुलिस ने उसे पकड़ लिया। अगले ही दिन पुलिस अभिरक्षा में उसने भिंड के जिला अस्पताल में एक बेटे को जन्म दिया था। 2006 में सलीम का एनकाउंटर हो गया था।
गांव के लिए कुछ करना चाहती हैं सुरेखा
जेल से छूटने के बाद से सुरेखा बेटे संग थाना सहसो के बदनपुरा गांव में अपने भाई-भाभी के साथ रह रही हैं। यहां वह बेटे को पढ़ाने साथ-साथ गांव की महिलाओं को सिलाई का काम सिखा रही हैं। गुर्जर बाहुल्य गांव में सुरेखा का एक मात्र परिवार धोबी जाति का है। सुरेखा का कहना है कि बागी जीवन के दौरान कभी भी किसी महिला एवं निर्दोष के साथ अत्याचार नहीं किया और न ही सलीम गुर्जर के गैंग में किसी भी डकैत को करने दिया। अब वह गांव के लिए कुछ करना चाहती हैं।
Published on:
3 Apr 2021, 6:43 PM IST
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