
बर्लिन। जर्मनी की एक अदालत ने नाबालिग बेटे के यौन शोषण के आरोप में एक दंपति को जेल की सजा सुनायी है। यह दंपति दो साल से अपने बच्चे को दुराचारियों के पास भेज रहा था। लम्बे समय तक जर्मनी को हिलाकर रख देने वाली इस घटना में जज ने मां और पिता को गंभीर बाल यौन अपराध का दोषी पाया। इस मामले ने बाल सुरक्षा सेवाओं को लेकर जर्मनी में गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
लड़के की मां बेरिन ताहा और लड़के के सौतेले पिता क्रिस्टियन लाइस को 12 साल की जेल की सजा सुनायी गयी। क्रिस्टियन लाइस को इससे पहले भी बच्चों के शोषण के मामले में दोषी करार दिया जा चुका है। अब मीडिया और जर्मनी के सामाजिक संगठन इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि उसे ऐसे घर में रहने की इजाजत कैसे मिल गई जहां पहले से एक बच्चा मौजूद था।
पैसों के बदले बच्चे को लगाया दांव पर
बताया जा रहा है कि यह दंपति बेरोजगार था। अपने जीविकोपार्जन के लिए पति-पत्नी ने इस बच्चे का यौन शोषण किया। अदालत ने सजा देते हुए यह कहा कि मई 2015 से अगस्त 2017 के बीच इस बच्चे को ऑनलाइन जिस्मफरोशी के बाजार में ढकेल दिया गया ।
बता दें कि ऐसा ही एक और मामला स्पेन से आया था जब एक लड़के के माता-पिता को पैसे देकर एक व्यक्ति ने बार-बार उसका यौन शोषण किया। ऐसा करने के लिए उस व्यक्ति को 10 साल कैद की सजा सुनायी गई थी। यह मामला पिछले साल सितंबर का है। कोर्ट ने इस सिलसिले में आठ लोगों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था।
क्या कहा अदालत ने
अदालत में न्यायाधीश स्टीफन बूएरगेलिन ने जर्मन के दंपति को बलात्कार, बच्चे के यौन शोषण, जबरन जिस्मफरोशी और चाइल्ड पॉर्नोग्राफी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।उनपर लड़के और एक अन्य लड़की को ऑनलाइन पोर्न के बाजार में उतारने के लिए 42,500 यूरो का जुर्माना भी लगाया गया।
Updated on:
10 Aug 2018 12:27 pm
Published on:
10 Aug 2018 12:00 pm
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