
jabalpur hawala
नई दिल्ली।मोदी सरकारकालाधन और हवाला के जरिए लेन देन करने वालों के खिलाफ सख्त हो गई है। इसलिए सरकार की तमाम इंफोर्समेंट एजेंसियां ऐसे में लोगों का पर्दाफाश करने में जुट गईं हैं जो गैरकानूनी तरीके से रुपयों का लेनदेन कर रहे हैं। नवंबर के पहले सप्ताह के अंदर ही आयकर विभाग की टीम ने हवाला के जरिए लेन देन करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इसके लिए टीम की ओर तीन दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर छापे मारे हैं।
3300 करोड़ रुपए के हवाला कांड का पर्दाफाश
आयकर विभाग ने ने इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से जुड़े कॉर्पोरेट्स और हवाला ऑपरेटर्स बीच हवाला कांड का पर्दाफाश किया है। इसके लिए आईटी के अधिकारियों की टीम ने दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, ईरोड, पुणे, आगरा और गोवा में कुल 42 ठिकानों पर छापेमारी की। इन छापों से 3300 करोड़ रुपए के हवाला कांड हैरतअंगेज मामला सामने आया है। सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज ने दावा किया है कि आईटी डिपार्टमेंट को छापों में बड़े कॉर्पोरेट घरानों और हवाला कारोबारियों के बीच साठगांठ के ठोस सबूत मिले हैं। आयकर विभाग के अनुसार छापों से बोगस कॉन्ट्रैक्ट्स के जरिए करोड़ों रुपयों का लेन देन करने मामला सामने आया है।
इन कंपनियों के नाम आए सामने
आयकर विधाग के उच्चाधिकारियों के अनुसार रुपयों के गैरकानूनी तरीके से लेन देन में दिल्ली एनसीआर क्षेत्र और मुंबई की कई कंपनियों के नाम शामिल है। अप्रैल में भी एक कंपनी की जांच की गई थी। डिपार्टमेंट के अनुसार जिन प्रोजेक्ट्स में गड़बड़ी सामने आई हैं वो प्रमुख बेसिक इंफ्रा और लो प्रोफाइल प्रोजेक्ट्स हैं। विभाग की छापे में आंध्रप्रदेश के एक नामी आदमी को 150 करोड़ रुपए के भुगतान के साक्ष्य मिले हैं। वहीं चेन्नई के एजुकेशनल इंस्टिट्यूट पर छापे में 350 करोड़ रुपए की अघोषित संपत्ति के बारे में जानकारी मिली है।
Updated on:
12 Nov 2019 09:12 am
Published on:
12 Nov 2019 09:12 am
