वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश के सरकारी बैंकों को धोखाधड़ी से बाहर निकालने के लिए तेजी से काम कर रही हैं। पिछले कुछ सालों में हुए घोटाले जैसे पीएनबी घोटाला, संदेसरा ब्रदर्स घोटाला और जेट एयरवेज संकट जैसी कई समस्याओं के कारण बैंकों को भारी निकसान उठाना पड़ा है। सरकार ने बताया कि मार्च 2019 तक एसबीआई के पास 1.76 लाख करोड़ रुपये की लेंडिंग एनपीए के तौर पर थी। सरकारी बैंकों के मार्च आखिर तक 8582 विलफुल डिफॉल्टर थे, जबकि एक साल पहले यह संख्या 7535 थी। पिछले 5 वित्त वर्षों के दौरान विलफुल डिफॉल्टर्स के अकाउंट से 7654 करोड़ रुपये रिकवर किए गए हैं।