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Kumbh Kalp 2025: झांकी, लाइटिंग से लेकर प्रवेश द्वार तक मेले का माहौल.. जैसे राजिम में उतरा राजस्थान

Kumbh Kalp 2025: राजिम जिले में मेला घूमने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस बार कुलेश्वर महादेव का मंदिर खासे आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

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Kumbh Kalp 2025: झांकी, लाइटिंग से लेकर प्रवेश द्वार तक मेले का माहौल.. जैसे राजिम में उतरा राजस्थान

Kumbh Kalp 2025: छत्तीसगढ़ के राजिम जिले में मेला घूमने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस बार कुलेश्वर महादेव का मंदिर खासे आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मेले की भव्यता को दिखाने के लिए यहां कई जगहों पर विशाल प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। इन्हें राजस्थाने के महलों की तरह तैयार किया गया है। महानदी की रेत पर खड़े इन भव्य प्रवेश द्वारों को देखकर एक पल को लगता है मानो राजिम में राजस्थान उतर आया हो।

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Kumbh Kalp 2025: राजिम में उतरा राजस्थान

श्री कुलेश्वर महादेव मंदिर का प्रवेश द्वार विशेष रूप से राजस्थानी राजमहल की थीम पर बना है। इस प्रवेश द्वार का निर्माण इस तरह किया गया है कि दूर से ही यह श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करता है। इस अद्भुत रूप को देखकर भक्त इस जगह पर कुछ देर ठहरकर सजावट का अवलोकन करते भी नजर आ रहे हैं। दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु इसी भव्य प्रवेश द्वार से होते हुए मंदिर के गर्भगृह तक पहुंच रहे हैं। राजे-रजवाड़े वाले माहौल के साथ राजिम इस वक्त अध्यात्म की अनोखी अनुभूति करवा रहा है।

बता दें कि मेला में आने वाले भक्त पहले भगवान श्री राजीव लोचन के दर्शन को जाते हैं, फिर त्रिवेणी संगम स्थित श्री कुलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचते हैं। इस बीच राजस्थानी राजमहल की थीम पर लगे इंट्री गेट को लेकर एक श्रद्धालु ने कहा, इस भव्य द्वार को देखकर लगा जैसे हम किसी और ही दुनिया में आ गए हैं। इसके अलावा भी पूरे मेले को कई झांकियों और लाइटिंग से सजाया गया है। ऐसे में इसकी चर्चा दूर-दूर तक हो रही है।

तुम उठो सिया शृंगार करो… मैथिली ने किया भाव-विभोर

कुंभ कल्प में शामिल होने अंतरराष्ट्रीय गायिका मैथिली ठाकुर भी राजिम पहुंची। यहां मुख्य मंच पर उन्होंने भजनों से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ के राजकीय गीत अरपा पैरी के धार… से हुई। इसके बाद उन्होंने तुम उठो सिया श्रृंगार करो…, कभी राम बनके, कभी श्याम बनके…, भारत का बच्चा-बच्चा जय श्रीराम बोलेगा… जैसे भजनों की प्रस्तुति दी। मैथिली ने कहा कि राजिम में प्रस्तुति देकर गौरवान्वित महसूस कर रही हूं।

प्रोजेक्टर, लाइटिंग व भक्ति से मंच के आसपास जमा माहौल

मेला इस बार चौबेबांधा के करीब 54 एकड़ जमीन पर लगाया गया है। कुंभ की भव्यता और सुंदरता बढ़ाने मुख्य मंच को इसे पंचकोसी धाम की थीम पर सजाया गया है। नए मेला स्थल में प्रवेश करते ही विशाल सांस्कृतिक मंच है। यह मेले का मुख्य आकर्षण बन चुका है। इस मंच के सामने हजारों दर्शक आराम से बैठकर विभिन्न कार्यक्रमों का आनंद ले सकते हैं।

मंच के चारों ओर एलईडी प्रोजेक्टर और जगमगाती लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। भक्त यहां भजनों पर जमकर झूम रहे हैं। इधर, कुलेश्वर मंदिर के पास संत समागम स्थल पर पंडोखर सरकार का दरबार और बागेश्वर धाम का पंडाल सज रहा है।

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