
UP में फिर अखलाक जैसी वारदात, गौकशी के आरोप में मुस्लिम युवक की पीट-पीटकर हत्या
हापुड़. यूूपी में गो हत्या के आरोप में एक बार फिर अखलाक जैसी वारदात सामने आई है। ताजा मामला हापुड़ जिले के पुलखुवा का है। यहां कथित रूप से गौकशी के आरोप में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दरअसल, पिलखुवा के एक गांव में कुछ लोगों ने दो युवकों कासिम और समीउद्दीन पर गो हत्या का आरोप लगाते हुए बेरहमी से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां कासिम की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि समीउद्दीन की हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं, घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है। पीड़ितों के दबाव के बाद पुलिस ने मामले की लीपापोती करने के इरादे से इस मामले में 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीं, गांव में तनाव को देखते हुए डीएम ने मौके पर भारी सुरक्षाबल को तैनात कर दिया है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि समीउद्दीन अपने खेत से पशुओं के लिए चारा लेने गया था। इसी दौरान उसने एक बछड़े को अपनी खेत में घुसा हुआ देखा। इसके बाद समीउद्दीन उसको अपने खेत से भगाने लगा। इस दौरान कासिम भी वहीं मौजूद था। इसी बीच किसी ने गांव में गो हत्या की अफवाह फैला दी। यह खबर सुनते ही गांव के कुछ दबंग हिन्दूवादियों ने मौके पर पहुंचकर दोनों को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।
दरअसल, मामला पिलखुवा थाना क्षेत्र के बछेड़ा खुर्द गांव का है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कासिम की खेत में एक गाे वंश घुस गया था, जिसे कासिम और उसका साथी समीउद्दीन घेरकर भगा रहे थे। इसी बीच गांव के ही कुछ लोगों ने गो हत्या की अफवाह फैला दी। गो हत्या की खबर मिलते ही मौके पर पहुंचे हिन्दूवादी दबंगों ने कासिम और समीउद्दीन पर हमला बोल दिया। इस दौरान कासिम और समीउद्दीन को बेरहमी से पीटा गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां, उपचार के दौरान कासिम की मौत हो गई। वहीं, समीउद्दीन का इलाज चल रहा है। इधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आलाधिकारी भी घटना स्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने पीड़ित के भाई की तहरीर पर 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच में जुट गई है। गांव में तनाव को देखते हुए डीएम ने मौके पर भारी सुरक्षाबल को तैनात कर दिया है।
यह भी पढ़ेंः भाजपा विधायक पर फायरिंग के बाद मिली धमकीः ‘इस बार तो तू बच गया आगे कौन बचाएगा’
गौरतलब है कि केन्द्र में मोदी सरकार के काबिज होने के बाद लगातार दलितों और मुसलमानों के खिलाफ भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या करने का चलन तेजी से बढ़ा है। 2014 में भाजपा के केन्द्र में सत्ता में आने के बाद नोएडा के दादरी इलाके में सबसे पहले अखलाक की गौकशी के आरोप में हत्या की गई थी। इस घटना के बाद देश और दुनियाभर में इसकी तीखी आलोचना हुई थी। लेकिन किसी भी आरोपी को सख्त सजा नहीं मिलने की वजह से उपद्रवियों के हौसले बुलंद है। यहां वजह है कि आए दिन देश के किसी ने किसी हिस्से से दलितों और मुसलमानों को भीड़ के हाथों पिटने का मामला सामने आ रहा है। गौरतलब है कि अभी हाल ही में मगाराष्ट्र के शिरडी में सवर्णों के कूएं से पीनी पीने के आरोप में दो दलितों को नंगाकर अधमरा कर दिया गया था। वहीं, गुजरात के महशाणा में एक दलित युवक को इस लिए बेरहमी से पीटा गया, क्योंकि उसने ब्रांडेड जूते पहन रखे थे।
Published on:
19 Jun 2018, 5:45 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.