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दहेज हत्या के मामले में साक्ष्यों के अभाव में आर्मी ऑफिसर को राहत, अदालत ने किया बरी

ट्रेन के चालक और स्टेशन मास्टर के बयान रहे केस में अहम
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गाज़ियाबाद

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Iftekhar Ahmed

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Updated: 19 Apr 2018, 12:30 AM IST

court order

गाजियाबाद। अदालत ने दहेज हत्या के एक मामले में आरोपी पति समेत तीनों आरोपी को पुख्ता साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। इसमें ट्रेन के चालक और स्टेशन मास्टर की गवाही भी अहम रही। अभियुक्त पति आर्मी में तैनात था। मुकदमे के सिलसिले में करीब पौने तीन वर्ष तक जेल में रहा था। करीब तीन वर्ष की अदालती लड़ाई के बाद बरी होने पर ससुराल पक्ष को काफी राहत मिली है। सुसराल पक्ष के लोगों समेत आर्मी अफसर ने भी अब चैन की सांस ली है।

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क्या है पूरा मामला

कविनगर थाना क्षेत्र के चिरंजीव विहार में 2015 में यह घटना हुई थी। 27 मई 2015 की सुबह हापुड़ रेलखंड पर एक महिला का क्षत-विक्षत शव मिला था। मृतका शिखा त्यागी के पति अमित तब जैसमलेर में आर्मी अफसर थे। वह छुट्टी पर घर आए थे। शिखा की मौत के मामले में उनके भाई सौरभ पुत्र सुरेश त्यागी निवासी संजय नगर ने कविनगर थाने में दहेज हत्या का मुकदमा कराया था। इसमें दो लाख की नगदी और कार का आरोप था। आरोप था कि पति ने रात्रि में विवाद होने के बाद पत्नी की हत्या कर दी। घटना को खुदकुशी का रुप देने के लिए शव को घर के पीछे रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया था। अपर जिला जज 15 की अदालत में इस मामले की सुनवाई चल रही थी।

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बचाव पक्ष के अधिवक्ता का कहना
बचाव पक्ष के अधिवक्ता पंकज शर्मा ने बताया कि दहेज हत्या के आरोपी पति अमित त्यागी हैं। अधिवक्ता ने बताया कि 27 मई 2015 में चिरंजीव विहार के पीछे महरौली स्टेशन के पास रेल ट्रैक पर एक विवाहिता शिखा त्यागी का शव मिला था। मृतका के भाई ने कविनगर थाने में पति अमित त्यागी और सास, ससुर के खिलाफ दहेज हत्या की धारा में मुकदमा कराया था। अपर जिला जज-15 की अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात और बचाव पक्ष से छह लोगों की गवाही हुई।

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पद्मावत एक्सप्रेस के ट्रेन चालक की गवाहीं रही अहम
अदालत में गवाही में पद्मावत एक्सप्रेस के ट्रेन चालक विश्राम सिंह मीणा और महरौली स्टेशन के तत्कालीन स्टेशन मास्टर मुकेश कुमार की गवाही अहम रही। ट्रेन चालक ने कहा कि घटना की रात वह दिल्ली से पद्मावत एक्सप्रेस लेकर फैजाबाद जा रहा था। गाजियाबाद जंक्शन से ट्रेन खुलने के बाद महरौली स्टेशन से पहले ट्रैक पर एक महिला खड़ी थी। तेज रफ्तार में कई बार हार्न देने के बाद भी महिला नहीं हटी और वह इंजन की चपेट में आ गई थी। घटना के बाद वह महरौली स्टेशन पर ट्रेन रोककर रजिस्टर में घटना के बारे में लिखित जानकारी दी थी।