2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

यहां डॉ अंबेडकर के पोस्टर फाड़ने से लोगों में जबर्दस्त आक्रोश, शरारती तत्वों ने दिया घटना को अंजाम

देखते ही देखते वहां लोगों का हुजूम जमा हो गया और फिर नारेबाजी होने लगी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

गाज़ियाबाद

•

image

Rahul Chauhan

•

Updated: 31 Mar 2018, 9:30 PM IST

dr. Ambedkar Poster

हापुड़। उत्तर प्रदेश जनपद हापुड़ में थाना गढ़मुक्तेश्वर के गांव हसूपुर में आने वाली अंबेडकर जयंती के लिए लगाए गए होर्डिंग को शुक्रवार देर रात में शरारती तत्वों द्वारा फाड़ दिया गया। बाबा साहब का पोस्टर फाड़ने पर गांव में जाटव समाज के लोगों में आक्रोश फैल गया।

यह भी पढ़ें-इस शहर को सरकार से मिला बड़ा तोहफा, अब लोगों को नहीं लगाने पड़ेंगे दिल्ली के चक्कर

साथ ही गांव के ही चार युवकों के खिलाफ थाना गढ़ में तहरीर दी गई है। वहीं बाबा साहब अंबेडकर का पोस्टर फाड़ने की सूचना पर बसपा विधान सभा अध्यक्ष राजू जाटव गांव हसूपुर पहुंच गए। विधानसभा अध्यक्ष ने जाटव समाज के लोगों को शरारती तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।

यह भी पढ़ें-डॉ. अम्बेडकर का नाम बदलने के खिलाफ लामबंद हुआ दलित समाज, 14 अप्रैल को उठाएंगे यह बड़ा कदम

6 मार्च को मेरठ के मवाना में तोड़ी गई थी अंबेडकर प्रतिमा
इससे पहले मेरठ के छोटा मवाना कस्बे में इसी महीने की शुरुआत में 6 मार्च की रात को तालाब के स्थान पर लगी बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा अराजक तत्वों ने तोड़ डाली थी। अगले दिन सुबह को दलितों द्वारा हंगामा करने के बाद मौके पर पहुंचे आला अधिकारियों ने नई मूर्ति लगवाकर मामले को शांत किया था।

आईबी और एलआईयू के द्वारा की जा रही है जांच
इससे पहले 6 मार्च की रात को मवाना में अराजक तत्वों द्वारा तोड़ी गई अंबेडकर प्रतिमा के मामले में आईबी और एलआईयू की टीम ने क्षेत्र में डेरा डालकर मामले की जांच शुरू की थी जो अभी जारी। सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दो समुदायों को आपस में लड़वाए जाने के प्रयास की बात सामने आई थी।

सीएम योगी ने दिए थे कड़ी कार्रवाई के निर्देश
सीएम योगी ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए थे। साथ ही उन्होंने सभी डीएम और पुलिस प्रशासन से कहा था कि जितने भी महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित हैं। उनकी सतर्कता से सुरक्षा की जाए। साथ ही सीएम ने कहा था कि उन सभी लोगों को चिन्हित किया जाए, जो इस तरह के मामलों में संलिप्त रहते हैं। ताकि भविष्य में दोबारा इस तरह की घटना को अंजाम नहीं दिया जा सके।