
अब डीयू की छात्रा से ऑटो में हुई लूटपाट व छेड़छाड़, पुलिस बनाती रही वीडियो
गाजियाबाद। जनपद में एक और युवती ऑटो गैंग का शिकार हुई है। इस बार ऑटो गैंग ने डीयू की एक छात्रा को बंधक बनाया। वे उसे करीब आधे घंटे तक सड़क पर घुमाते रहे। इस बीच ऑटो चालक और उसके साथी ने छात्रा के साथ छेड़छाड और लूटपाट की। उन्होंने छात्रा की जमकर पिटाई भी की। बदमाश छात्रा को विजयनगर इलाके में फेंककर फरार हो गए।
सीमा विवाद में उलझी रही पुलिस
आरोप है कि पुलिस छात्रा का इलाज कराने के नाम पर उसे तीन घंटे तक कभी नोएडा तो कभी घटनास्थल पर घुमाती रही। मामला सीमा विवाद का बताकर पल्ला झाड़ा जाता रहा। इस दौरान रिपोर्ट दर्ज करने में भी आनाकानी की गई। बाद में एसएसपी के आदेश पर विजय नगर थाने में मामला दर्ज किया गया।
दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम कर रही है छात्रा
इंदिरापुरम में रहने वाली एक छात्रा दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) में बीकॉम कर रही है। उसके पिता दिल्ली में नौकरी करते हैं। छात्रा के पिता का कहना है कि 12 मार्च की रात को उनकी बेटी कॉलेज में डांस फेस्ट के बाद वापस घर लौट रही थी। वह मेट्रो से इलेक्ट्रॉनिक सिटी स्टेशन पर उतरी। इसके बाद एनएच-9 से वह ऑटो में बैठी। ऑटो में ड्राइवर के अलावा एक अन्य युवक बैठा था। ड्राइवर आॅटो को इंदिरापुरम ले जाने की जगह दूसरे रूट पर ले जाने लगा। इस दौरान दोनों बदमाशों ने छात्रा के साथ लूटपाट की। वे उसे करीब आधे घंटे तक सड़क पर घुमाते रहे। उन्होंने छात्रा के हाथ-पैर भी बांध दिए थे। इस दौरान बदमाशों ने उससे छेड़छाड़ और पिटाई भी की। काफी देर बाद वे उसे विजय नगर में फेंक कर भाग गए।
तीन घंटे तक नहीं मिला इलाज
छात्रा ने मोबाइल से अपनी लोकेशन परिजनों को भेजी। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने 100 नंबर पर पुलिस को सूचित किया। दो पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। छात्रा के मुंह में चोट लगी हुई थी। उसकी जीभ भी कट गई थी। आंख पर भी काफी चोट आई हुई थी। बोलने और देखने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने मेडिकल कराने की बजाय छात्रा के परिजनों को थाना विजय नगर में शिकायत दर्ज कराने का कहा। जब पीड़ित परिजन छात्रा को थाना विजयनगर लेकर गए तो वहां उन्हें इंदिरापुरम थाने जाने को कह दिया गया। उन्होंने कहा कि यह मामला थाना इंदिरापुरम इलाके का है। सीमा विवाद के कारण छात्रा को करीब 3 घंटे तक पुलिस घुमाती रही और मेडिकल की सुविधा नहीं दी गई।
एसएसपी के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
परिजनों का कहना है कि छात्रा के एक रिश्तेदार सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता हैं। जब उन्होंने पुलिस के आला अधिकारियों से बात की तो एसएसपी ने मुकदर्मा दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद थाना विजयनगर में मामला दर्ज कराया गया। छात्रा के परिजनों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस छात्रा का मेडिकल कराने की बजाय तीन घंट तक घुमाती रही। इस बीच पुलिस ने उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की। पुलिसकर्मी बार-बार उसका बयान रिकॉर्ड रहे थे।
एसपी ने कहा- दोनों वारदातों में एक ही गैंग का हाथ
इस मामले में एसपी सिटी श्लोक कुमार का कहना है कि सीमा विवाद का कोई मामला नहीं है। थाना विजय नगर में मामला दर्ज करा दिया गया है। जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि 9 मार्च को युवती के साथ रेप की कोशिश और लूटपाट की घटना भी ऐसे ही हुई थी। लगता है कि यह एक ही गैंग का काम है। एक विशेष टीम गठित कर दी गई है।
9 मार्च को महिला डॉक्टर से हुई थी लूट
आपको बता दें कि 9 मार्च की रात को एक महिला चिकित्सक से ऑटो में बैठे बदमाशों ने लूटपाट की थी। उन्होंने दष्कर्म करने की भी कोशिश की थी। युवती ने गर्भवती बताकर खुद को रेप से बचाया था। ऑटो गैंग उसे ताज हाईवे पर फेंककर भाग गए थे। अभी तक उस मामले में भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
Updated on:
15 Mar 2019, 10:00 AM IST
Published on:
15 Mar 2019, 10:00 AM IST
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