
गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में स्थित यूपी गेट गाजीपुर बॉर्डर गुरुवार को पूरी तरह से खाली हो गया है। हालांकि अभी यहां से पूरी तरह यातायात संचालन किए जाने के लिए दो दिन का समय और लगेगा। जहां पर किसानों का आंदोलन चल रहा था उसके आस-पास के इलाके में काफी गंदगी और सड़क क्षतिग्रस्त भी है। इसके अलावा जहां पर बैरिकेडिंग लगाई गई थी, वहां अभी लोहे की कील लगी हुई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीम के अलावा नगर निगम के कर्मचारी भी सफाई के काम में जुटे हुए हैं।
गाजीपुर बॉर्डर से किसानों के जाने के बाद एनएचएआई के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान एनएचएआई के अधिकारी ने बताया कि पिछले करीब एक साल से किसानों का आंदोलन चल रहा था। उधर दिल्ली की तरफ से भी सड़क पर बैरिकेडिंग लगी हुई थी। बॉर्डर पूरी तरह से खाली हो चुका है, लेकिन अभी यहां से यातायात के संचालन करने में 2 दिन का वक्त कम से कम और लगेगा। यहां पर तमाम मलबा और किसानों का काफी सामान भी पढ़ा हुआ रह गया है। इसे फिलहाल हटाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इसे हटाने के लिए नगर निगम की मदद भी ली जा रही है। उम्मीद है कि दो दिन बाद इस जगह से पहले की तरह ही वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी।
बता दें कि गाजीपुर बॉर्डर पर तीन कृषि कानून की वापसी की मांग को लेकर किसान आंदोलन चल रहा था। आखिरकार सरकार के द्वारा तीनों कानून वापस लिए जाने की घोषणा के बाद किसानों ने घर वापसी कर ली है।
Published on:
16 Dec 2021 01:59 pm
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