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देश में पहली बार आयकर विभाग ने सैटेलाइट की मदद से ऐसे पकड़ी करोड़ों की टैक्स चोरी

करोड़ों रुपये के व्यावसायिक कांप्लेक्स को कृषि भूमि दर्शाते हुए मात्र 30 लाख रुपये में बेचने के मामले का खुलासा आयकर विभाग ने 15 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया, वसूली की कार्रवाई शुरू

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देश में पहली बार आयकर विभाग ने सैटेलाइट की मदद से ऐसे पकड़ी करोड़ों की टैक्स चोरी

गाजियाबाद. भारत में पहली बार आयकर विभाग ने सैटेलाइट की मदद से टैक्स चोरी का एक बड़ा मामला पकड़ा है। दरअसल, मोदीनगर थाना क्षेत्र में हाइवे से लगे करोड़ों रुपये के एक व्यावसायिक कांप्लेक्स को कृषि भूमि दर्शाते हुए फरवरी 2016 में मात्र 30 लाख रुपये में बेच दिया गया था। मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर आयकर विभाग हैदराबाद स्थित नेशनल रिमोट सेंसिंग एजेंसी (एनआरएससी) से उपग्रह की तस्वीरें मांगी तो पता चला कि संबंधित भूमि पर पहले से ही भूखंड बना हुआ था। जिसके बाद अब आयकर विभाग ने पार्टी पर 15 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही वसूली की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

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जानकारी के मुताबिक, गाजियाबाद जिले के मोदीनगर थाना क्षेत्र स्थित सीकरी कला में आयकर विभाग ने टैक्स चोरी का बड़ा मामला पकड़ा है। बताया जा रहा है कि देश में पहली बार उपग्रह के माध्यम से इसका खुलासा हुआ है। आयकर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में एक साल से जांच चल रही थी। उन्होंने बताया कि संबंधित व्यक्ति ने करोड़ों रुपये के एक व्यावसायिक कांप्लेक्स को कृषि भूमि दर्शाते हुए बेच दिया था। आरोपी ने करोड़ों रुपये के कांप्लेक्स की महज 30 लाख रुपये में फरवरी 2016 में रजिस्ट्री कर दी। यह रजिस्ट्री टुकड़ों में की गई थी। इस तरह कृषि भूमि दिखाकर करीब 15 करोड़ रुपये की स्टाम्प चोरी की गई। जब इस संबंध में पार्टी से जवाब तलब किया गया तो बताया गया कि रजिस्ट्री के समय कोई निर्माण नहीं किया गया था। उक्त निर्माण बाद में किया गया है। वहीं जिला प्रशासन की ओर से भी तत्कालीन एडीएम वित्त एवं राजस्व ने पार्टी बयान को सही ठहराया। उधर, आयकर विभाग को मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ तो विभाग ने एनआरएससी से संबंधित भूमि की फरवरी 2016 से पहले की उपग्रह तस्वीरें मांगी।

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इस मामले में प्रधान आयकर निदेशक जांच अमरेंद्र कुमार ने बताया कि एनआरएससी की रिपोर्ट में साफ हो गया कि संबंधित भूमि पर रजिस्ट्री से पहले ही भूखंड बना हुआ था। इसके साथ ही लखनऊ स्थित राज्य रिमोर्ट सेंसिंग एजेंसी ने भी यही रिपोर्ट दी। इसके बाद अब पार्टी पर 15 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही वसूली के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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