
एप्पल के मैनेजर की हत्या के आरोपी को जेल भजने से बौखलाए पुलिस वाले, DGP को दी ऐसी चेतावनी
गाजियाबाद. एप्पल के मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या के बाद भले आम लोगों में पुलिस के खिलाफ गुस्सा हो, लेकिन पुलिस वाले सुधरने के मूड में नहीं है। इस घटना से सबक सीखने के बजाय आरोपी पुलिस सिपाही प्रशांत चौधरी के बचाव में उतर आए हैं। एक तरह जहां ये लोग उसे बचाने के लिए फंड जुटा रहे हैं। वहीं, खुलेआम डीजीपी को भी धमकियां दे रहे हैं। विवेक की हत्या के आरोपी प्रशांत के प्रेम में अंधे हुए सिपाही विभाग में विद्रोह की धमकी भी दे रहे हैं। इस संबंध में एक कांस्टेबल विष्णु चाहर ने लिखा है कि पुलिस वालों को राइफल के बजाए झुनझुना दे दें, ताकि हम उसको बजाते रहें और सरकार के गुण गाते रहें। वहीं इस संबंध में एक और सिपाही प्रदीप यादव ने सोशल मीडिया पर डीजीपी को चेतावनी दी है कि ऐसा कुछ नहीं करें, वरना 1973 दोहराया जा सकता है। आपको बता दें कि 1973 में उत्तर प्रदेश में पुलिस विद्रोह हुआ था, जिसमें गोली भी चली थी। इसके अलावा एक और सिपाही सिपाही रवि तेवतिया ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मेरठ में गोली नहीं चलाई गई तो भी पांच सिपाही सस्पेंड कर दिए गए और यहां गोली चलाई तो 302 लिख दी गई। उसने आगे लिखा कि समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करें। वहीं, सिपाही आरके कुमार ने लिखा है कि सस्पेंड और लाइन हाजिर दोनों चलेगा, लेकिन जेल नहीं जाएंगे। लूट होती है होने दो, डकैती होती है होने दो।
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हत्यारोपी सिपाही प्रशांत की पत्नी ने भी तोड़ा अनुशासन
इस मामले में खास बात ये है कि हत्यारोपी कांस्टेबल प्रशांत चौधरी की पत्नी राखी मलिक भी यूपी पुलिस में सिपाही है। वह पति के साथ गोमतीनगर थाने में ही तैनात थी। पति की गिरफ्तारी के बाद राखी मलिक ने एसएसपी कैम्प कार्यालय में रविवार को जमकर हंगामा किया था। हत्यारोपी सिपाही प्रशांत चौधरी की ओर से एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रही राखी ने कैम्प कार्यालय में मौजूद सुरक्षा कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी की थी। जब ये सब हो हुआ था। उस वक्त उसने वर्दी की जगह सिविल ड्रेस पहनी थी। बताया जाता है कि विवाद इतना बढ़ा कि उसे महिला थाने भेजना पड़ा था। इतना सब कुछ होने के बाद भी अधिकारियों ने राखी मलिक के खिलाफ अनुशासनहीनता के तहत कोई कार्रवाई नहीं की।
हत्यारोपी प्रशांत को बचाने के लिए पुलिस वाले जुटा रहे हैं फंट
गौरतलब है कि हत्यारोपी प्रशांत चौधरी को बचाने के लिए प्रदेशभर के पुलिस वालों ने कमर कस ली है। हत्यारोपी सिपाही प्रशांत चौधरी के लिए प्रदेशभर में खुलेआम आर्थिक मदद जुटाने की मुहिम चलाई जा रही है। गौरतलब है कि लखनऊ में तैनात सिपाही रोहन पाल ने इस मुहिम की शुरुआत की है। इसके बाद से लगातार पुलिसकर्मी इसमें बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। इस मामले में सबसे चिंताजनक बात यह है कि सबकुछ मालूम होने के बाद भी पुलिस विभाग के अफसरान खामोश हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा यूपी पुलिस डीजीपी भी विवेक मर्डर केस में सिपाहियों को हत्या का दोषी माना है। इन सबके बावजूद इनके मातहत पुलिसकर्मी अपनी मनमर्जी चलाते हुए आरोपियों का समर्थन कर रहे हैं। आपको बता दें कि यूपी पुलिस के सिपाहियों ने प्रशांत के परिवार के लिए पांच करोड़ रुपये जुटाने का टारगेट सेट किया है। इसके लिए प्रशांत की पत्नी राखी मलिक का बैंक खाता नंबर फेसबुक, वाट्स एेप और ट्विटर पर वायरल किया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल सूचना के अनुसार राखी का मेरठ में एसबीआई की किनौनी शुगर मिल शाखा में अकाउंट है। उनके खाते में 29 सितम्बर तक महज 447.26 रुपये थे, जबकि स अपील के बाद अगले ही दिन इस खाते में लाखों रुपये जमा हो गए। बैंक डिटेल के मुताबिक यह रकम 100 रुपये से लेकर 500 रुपये और दो हजार रुपये की किश्तों में ट्रांसफर की गई है। दावा है कि यह दावा यह भी किया जा रहा है कि ये रुपये सिपाहियों ने मुहिम के तहत जमा कराए हैं। बताया जाता है कि खुफिया विभाग ने मेरठ पुलिस के अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट भेज दी है।
Updated on:
02 Oct 2018 04:20 pm
Published on:
02 Oct 2018 04:20 pm
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