
मुख्ताार अंसारी के होटल का ध्वस्तीकरण
गाजीपुर. बाहुबली मुख्तार अंसारी ने पत्नी और बेटों के नाम से अपने पैतृक जिले में एक होटल बनवाया था, बड़े प्यार से नाम रखा था गजल। यह होटल शहर में उनकी पहचान बन गया था। योगी सरकार की कार्रवाई में अंसारी परिवार ने जी तोड़ कोशिशें कीं कि होटल को न तोड़ा जाए, लेकिन उनकी एक न चली, हाईकोर्ट से थोड़ी मोहलत जरूर मिली लेकिन वहां से भी जिलाधिकारी की अदालत में जाने का ही निर्देश मिला। आखिरकार जिलाधिकारी कोर्ट ने एसडीएम के उस आदेश पर मुहर लगा दी जिसमें गजल होटल को तोड़ने का आदेश दिया गया था। कोर्ट के आदेश के बाद रातों रात प्रशासनिक अमला वहां पहुंच गया और कार्यवाही में जुट गया। सुबह होते ही पोकलेन मशीनें गरजीं और होटल गजल को तोड़ा जाने लगा।
गाजीपुर शहर के महुआबाग स्थित मुख्तार अंसारी के गजल होटल पर रविवार की सुबह प्रशासन का बुलडोजर चल गया। शनिवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली नियंत्रक प्राधिकारी बोर्ड विनियमित क्षेत्र गाजीपुर ने सुनवाई कर मुख्तार अंसारी के बेटों अब्बास व उमर अंसारी की अपील खारिज कर दी। एसडीएम सदर के ध्वस्तीकरण के आदेश को सही मानते हुए अग्रिम कार्रवाई का आदेश दिया गया। आदेश मिलते ही रातोंरात तहसीलदार गजल होटल पहुंचे और वहां नेाटिस चस्पा कर दिया गया। रविवार की सुबह ध्वस्तीकरण तय हो गया तो सीओ सिटी फोर्स लेकर पहुंचे और वहां दुकानों व होटल के तोड़े जाने वाले हिस्सों को आनन-फानन में खाली करवाया जाने लगा। तोड़े जाने वाले हिस्से का चिन्हांकन पहले ही कर लिया गया था।
करोड़ों रुपये की कीमत वाला मुख्तार अंसारी का बेटों और पत्नी के नाम पर बना होटल गजल पूरा नहीं तोड़ा जाएगा। प्रशासन के मुताबिक वही हिस्से ध्वस्त किये जाएंगे जो अवैध हैं। अभी फिलहाल एसडीएम कोर्ट के आदेशानुसार होटल के फर्स्ट फ्लोर को पूरी तरह से ध्वस्त किया जाएगा, जबकि ग्राउंड फ्लोर का भी 80 फीसदी हिस्सा ढहा दिया जाएगा। होटल में एक बैंक था जो पहले ही वहां से हट चुका है, जबकि कुछ दुकानें भी थीं, जो खाली करा ली गई हैं। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रविवार की सुबह सात बजे से शुरू भी कर दी गई है।
दरअसल जिला प्रशासन ने दावा किया कि मुख्तार अंसारी का महुआबाग में बना आलीशान होटल को लेकर उनकी जांच में कई अनियमितताएं सामने आयीं। 25 जून को एसडीएम सदर प्रभास कुमार ने गजल होटल की पैमाइश कराई, जिसके बाद इसमें कई अनियमितताएं मिलने की बात कहते हुए एसडीएम ने इसके नक्शे को निरस्त कर दिया। होटल जिस जमीन पर बना है उसकी खरीद फरोख्त में भी अनियमितताओं के आरोप में मुख्तार की पत्नी व बेटों सहित 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। एसडीएम के मुताबिक जमीन की रजिस्ट्री फर्जी तरीके से कराई गई। यही नहीं प्रशासन के मुताबिक नक्शा दो भागों में पास कराया गया, जो पूरी तरह से गैर कानूनी है। मास्टर प्लान में नक्शा पास हाउसिंग के नाम पर कराया गया और इस्तेमाल काॅमर्शियल हो रहा था। निर्माण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का भी आरोप है।
हाईकोर्ट जाने का नहीं हुआ कोई फायदा
एसडीएम सदर की कोर्ट ने गजल होटल के ध्वस्तीकरण कमा आदेश जारी कर एक सप्ताह का समय दिया था। उसमें कहा गया था कि होटल के अवैध हिस्से को एक सप्ताह में स्वयं गिरा लें अन्यथा प्रशासन इसे ध्वस्त कर देगा और इसका किराया भी वसूल किया जाएगा। इस आदेश के खिलाफ मुख्तार के बेटों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट के आदेश पर राहत के लिये डीएम कोर्ट में अपील की गई, जिसकी सुनवाई के बाद शनिवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाले नियंत्रक प्राधिकारी बोर्ड दोनों अपीलों को तथ्यहीन बताते हुए खारिज करते हुए एसडीएम के ध्वस्तीकरण के आदेश के सही ठहराते हुए उसपर मुहर लगा दी। 15 पन्नों का फैसला सुनाया, जिसके बाद प्रशासन ने होटल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
Updated on:
1 Nov 2020, 9:55 AM IST
Published on:
1 Nov 2020, 9:55 AM IST
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