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आवारा कुत्तों ने नोच खाए 21 हिरण, सिक्योरिटी कंपनी बोली- करंट लगने से हुई मौत

गोरखपुर के आनंद कानन बिरला हाउस में 21 हिरणों की मौत हुई है। मामले में 3 कर्मचारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
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गोरखपुर

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Priyanka Dagar

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Updated: 30 Dec 2022, 12:23 PM IST

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गंगा के पास ही आनंद कानन बिरला हाऊस छतनाग में सोमवार की रात आवारा कुत्तों के हमले से चीतल समेत कुल 21 हिरणों की मौत हो गई थी। देर रात कुत्ते 6 फीट की बाड़ को कूदकर अंदर घुस गए और हिरणों पर हमला कर दिया। कुत्तों के हमले में 21 हिरण मारे गए।

सुबह जब कर्मचारी सोकर उठे तो वहां हिरणों के शव देखे। कुत्ते सभी हिरणों को नोच-नोचकर खा गए थे। गेस्ट हाउस के आसपास गंगा का किनारा होने के कारण काफी संख्या में आवारा कुत्ते वहां घूमते रहते हैं।

कंपनी ने बिना किसी को बताए करवा दिया पोस्टमार्टम
मंगलवार सुबह जब वहां के सुरक्षाकर्मियों ने हिरणों को मृत देखा तो सभी डर गए। हिरणों की देख-रेख करने वाली कंपनी के लोगों ने तीन डॉक्टरों का एक पैनल बनाया और फटाफट पोस्टमार्टम करवा दिया। सभी हिरणों का गेस्ट हाउस में ही अंतिम संस्कार भी कर दिया।

पहले कंपनी ने बताया कि सभी हिरणों की मौत गेस्ट हाउस मं कंरट लगने से हुई है। बाद में सामने आया कि हिरणों की सुरक्षा सही से नहीं कि गई थी। जिस वजह से आवारा कुत्ते गेस्ट हाउस में घुस गए थे। अब वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट में हिरणों की देखभाल करने वाली कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है।

4 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज, 3 गिरफ्तार
वन अधिकारी महावीर कौजलगी प्रदीप ने बताया, इस मामले में वहां काम कर रहे कर्मचारियों की लापरवाही दिखाई दी है। इस मामले में 3 कर्मचारियों और गेस्ट हाउस के मैनेजर अशोक कुमार डांगर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। 3 कर्मचारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

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70 एकड़ में पाले गए थे 21 हिरण
करीब 70 एकड़ में गेस्ट हाउस बना हुआ है। परिसर में दो हेक्टेयर में आनंद कानन बना हुआ है। यहां दो बाड़ा हिरणों के रहने के लिए है, जो चारों तरफ से तारों से घिरा हुआ है। इसके लिए बिड़ला समूह ने 1988 में वन विभाग से बाकायदा लाइसेंस लिया था। यहां करीब 30 सालों से हिरण पाले जा रहे हैं।

जिला वन अधिकारी ने आगे बताया, हर पहलू से जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसा हादसा पहली बार हुआ है। लापरवाही से यह घटना हुई है, इसकी जांच कराई जा रही है। डिविजनल कमिश्नर ने भी डीएम को जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

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