गोरखपुर। सीएम योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर संसदीय सीट से इस्तीफे के बाद हो रहे संसदीय उपचुनाव में बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच हुई। जांच में सात पर्चे खारिज कर दिए गए। अब 10 प्रत्याशी मैदान में बचे हुए हैं। 23 को पर्चा वापसी होगी। पर्चा वापसी के बाद सिंबल एलाॅटमेंट होगा और प्रचार भी शुरू हो जाएगा।
गोरखपुर उपचुनाव के लिए 13 फरवरी से 20 फरवरी तक नामांकन हुआ था। एक सप्ताह तक चले नामांकन प्रक्रिया के दौरान करीब 46 लोगों ने नामांकन पत्र लिए थे।
मंगलवार को परचा दाखिला समाप्त होने के बाद 17 प्रत्याशियों ने परचा भर प्रत्याशिता के लिए दावेदारी जताई थी। परचा भरने वालों में भाजपा के उपेंद्र दत्त शुक्ल, सपा के प्रवीण उर्फ संतोष निषाद, कांग्रेस की डाॅ.सुरहिता करीम, सर्वाेदय भारत पार्टी के गिरीश पांडेय, बहुजन मुक्ति पार्टी के अवधेश निषाद, निर्दल विजय कुमार, निर्दल नरेंद्र कुमार मेेहता, मालती देवी, निर्दल श्रवण निषाद, राष्ट्रवादी जन शक्ति पार्टी पूनम विश्वकर्मा, निर्दल अच्छेलाल गुप्ता, निर्दल जयप्रकाश, सपा से रामनगीना साहनी, राष्ट्रीय जनहित पार्टी शैलेष भारती, निर्दल राधेश्याम सेहरा, निर्दल अरूण श्रीवास्तव, निर्दल अशोक शामिल रहे।
बुधवार को नामांकन करने वाले प्रत्याशियों के पर्चाें की जांच की गई। जांच प्रक्रिया केबाद सात पर्चे खारिज कर दिए गए।