मंगलवार की शाम को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव घर पर पहुंचा इससे पहले पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका था। गांव में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा था। पूरी रात अफसर गांव में डेरा डाले रहे। बुधवार को सूरज निकलने के साथ ही जितेंद्र के परिजन से अफसर शव का अंतिम संस्कार करने के लिए मान मनौवल करते रहे। उधर, परिजन भाजपा विधायक पर हत्या का आरोप लगाते हुए उन पर केस दर्ज होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़े रहे।
मृतक के भाई जालंधर, सुखदेव, शिवशंकर ने कार्रवाई की मांग करते हुए पांच सूत्री मांगों का पत्र प्रशासन को सौंपा। सदर एसडीएम आरबी सिंह, एसडीएम फरेंदा राजेश जायसवाल, सीओ अशोक कुमार मिश्रा आदि दोपहर तक मान मनौवल करते रहे। दोपहर बाद माहौल थोड़ा शांत हुआ। अफसरों ने उच्चाधिकारियों से परिजन की बात कराई। कार्रवाई का आश्वासन मिला। इसके बाद वे लोग शव का अंतिम संस्कार करने को राजी हुए। फिर गांव के पास ही रोहिन नदी के किनारे अंतिम संस्कार हो सका।