
शिवपाल यादव से जुड़े सवाल पर नेता प्रतिपक्ष ने दिया ऐसा जवाब कि सब रह गए हैरान
यूपी विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चैधरी ने बीजेपी सरकार पर वोटबैंक खातिर प्रदेश में दंगे कराने की साजिश का आरोप लगाया है। गोरखपुर में मुहर्रम के दिन भटहट में हुए बवाल के बाद निर्दाेषों पर द्वेषपूर्वक काम करने का आरोप लगाया है।
भटहट बवाल के बाद जेल में बंद लोगों से मिलने के बाद गोरखपुर सर्किट हाउस में मीडिया से मुखातिब नेता विरोधी दल रामगोविंद चैधरी ने कहा कि पुलिस ने सत्ता के इशारे पर द्वेषपूर्वक काम किया है। ऐसे लोगों को जेल में डाल दिया है जो इस घटना में शामिल ही नहीं थे। उन्होंने बताया कि पिकअप चलाकर रोजीरोटी की जुगाड़ करने वाले मोहम्मद सैयद नामक बिहार के एक व्यक्ति को पुलिस ने नाहक ही पकड़कर जेल में डाल दिया है। उन्होंने बताया कि सैयद के पास जगह-जगह टोल टैक्स जमा करने की रसीद है। वकील नामक एक और निर्दाेष को पुलिस ने पकड़ा है जिनकी किडनी खराब है। आरोप लगाया कि वकील को दवा तक नहीं दिला रही जबकि उसकी तबीयत खराब है। पुलिस ने सत्ता के इशारे पर दो नाबालिग बच्चों तक को जेल में डाल दिया है।
पूर्व मंत्री चैधरी ने कहा कि हम या हमारी पार्टी किसी भी बवाल का समर्थन नहीं करते लेकिन निर्दाेषों पर अत्याचार होगा तो वे लोग जीजान से विरोध करेंगे। पुलिस प्रशासन और सरकार को चाहिए कि उस बवाल का सीसीटीवी फुटेज या मोबाइल रिकार्डिंग निकलवा कर आरोपियों की धरपकड़ करे न कि निर्दाेष लोगों को पकड़े।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि बीजेपी शासित केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए प्रदेश में दंगे कराना चाहती है। भटहट में बवाल उसी का हिस्सा है। वह चाहती है कि हिंदू-मुस्लिम आपस में लड़े। उन्होंने कहा कि वे गोरखपुर के बजहा गांव में गए थे। यहां के काफी संख्या में निर्दाेष मुसलमान जेल में फर्जी मुकदमें में डाल दिए गए हैं। गांव में आज भी दहशत है। जबकि सच्चाई यह है कि इस गांव के लोग न कभी जुलूस निकालते हैं न ही कहीं किसी जुलूस में शामिल हुए। लेकिन पुलिस ने यहां के लोगों को भी भटहट में ताजिया जुलूस के दौरान थाने पर बवाल के प्रकरण में जेल में ठूस दिया।
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि यह सब काम पुलिस सत्ता के इशारे पर कर रही है। भाजपा अध्यक्ष का गांव यहीं है। प्रधानी में उनके पक्ष का प्रधान हार गया था। अब सत्ता का रौब दिखाकर वे लोगों को फर्जी मुकदमों में फंसवा रहे हैं। उन्हीं के इशारे पर पुलिस ने आरोपी को छोड़ दिया।
योगी सरकार का 77 में इंदिरा सरकार जैसा हाल होगा
सपा के कद्दावर नेता रामगोविंद चैधरी ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार में कानून की जितनी बुरी स्थिति है उतनी कभी भी नहीं रही। लखनऊ की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश का मुखिया खुद अपने अधिकारियों से कहता हो कि छाती पर गोली ठोक दो। असेंबली में कहता हो कि यमलोग पहुंचा देंगे तो उस प्रदेश की पुलिस गुंडई करेगी ही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि दुर्दांत अपराधियों के एनकाउंटर हो गए, जो बचे थे वे या तो सलाखों के पीछे हैं या प्रदेश छोड़कर भाग चुके हैं। सपा नेता ने सवाल किया कि जब सभी अपराधी खत्म हो गए या जेल में हैं तो आखिर लूट-हत्या-छिनैती की वादरात भाजपाई कर रहे हैं क्या। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पुलिस पर इतना दबाव बना दिया है और उनका मनोबल इतना बढ़ा दिया है कि अपराधी नहीं मिल रहे तो वे लोग आम आदमी को निशाना बना रहे। उन्होंने कहा कि यह इंदिरा गांधी के इमरजेंसी जैसे हालात हैं। उस समय भी पुलिस को काफी छूट दी गई थी। लेकिन उसका परिणाम इंदिरा ने भुगत लिया था, 2019 में योगीजी भी भुगत लेंगे।
शिक्षक भर्ती घोटाला यूपी का राफेल घोटाला हैः रामगोविंद
गोरखपुर आए सपा नेता रामगोविंद चैधरी ने कहा कि यूपी में बीजेपी सरकार फेल है। हर ओर अराजकता है। जो सरकार सुशासन और साफसुथरी सरकार देने का वादा की थी, उसके शासन में अपराध और भ्रष्टाचार में बेतहाशा बढोतरी हुई है। शिक्षक भर्ती यूपी का सबसे बड़ा घोटाला है। यह राफेल घोटाला जैसा घोटाला है। जो परीक्षा में बैठा ही नहीं वह पास हो गया। जो पास हुआ उसे फेल कर दिया गया। उन्होंने कहा कि मेधावियों और पात्रों को नौकरी से वंचित करने और अपने चहेतों को नौकरी देने के लिए सरकार ने प्रदेश के नौजवानों के साथ छल किया है।
शिवपाल पर बोलने से पूरी तरह से बचे सपा नेता
नेता विरोधी दल रामगोविंद चैधरी ने शिवपाल यादव से जुड़े किसी भी सवाल का जवाब देने से परहेज किया। जब भी उनसे शिवपाल यादव या उनके सेकुलर मोर्चा/पार्टी से जुड़े सवाल किए जाते वह दूसरे मुद्दों पर बात करने लगते। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि आप मेरा ध्यान भटकाएं मत। यूपी की जनता बीजेपी सरकार से त्रस्त है। उस पर बात होनी चाहिए।
इस दौरान प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष प्रह्लाद यादव, सांसद प्रवीण कुमार निषाद, जियाउल इस्लाम, जवाहर लाल मौर्या, डाॅ.मोहसिन खान, शारदा देवी, राजमती निषाद, विजय बहादुर यादव ,अवधेश यादव, अमरेन्द्र निषाद, मिर्जा कदीर बेग, सिंहासन यादव आदि मौजूद रहे।
Updated on:
2 Oct 2018, 3:32 AM IST
Published on:
2 Oct 2018, 3:32 AM IST
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