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राष्ट्र धर्म के निर्वाह में जो चुनौतियां है, उनका सामना परस्पर एकता से ही संभव : सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रो. यशवंतराव केलकर पुरस्कार से सम्मानित टीच संस्था के सह संस्थापक दीपेश नायर के कार्यों की सराहना की।
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गोरखपुर

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anoop shukla

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Updated: 24 Nov 2024, 7:10 PM IST

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 70वें राष्ट्रीय अधिवेशन के अंतर्गत प्राध्यापक यशवंतराव केलकर युवा पुरस्कार अर्पण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पुरस्कार से सम्मानित दीपेश नायर को पुरस्कृत किया।

दीपेश नायर को मिला पुरस्कार

यह पुरस्कार श्रवण बाधितों के लिए प्रशिक्षण और शैक्षणिक केंद्र (TEACH) के सह-संस्थापक श्री दीपेश नायर को 'श्रवण दिव्यांगजनों में कौशल विकास व शिक्षा के माध्यम से जीवन उद्देश्य और उत्साह उत्पन्न करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने हेतु सम्मानित किया गया है।

सीएम बोले…सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करता हूं

प्राध्यापक यशवंतराव केलकर युवा पुरस्कार अर्पण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबोधित करते हुए कहा कि… विद्यार्थी परिषद के इस राष्ट्रीय अधिवेशन कार्यक्रम में मैं अपने गृह जनपद गोरखपुर में सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करता हूं। मुझे इस बात का हर्ष है कि प्राध्यापक यशवंतराव केलकर पुरस्कार के प्राप्तकर्ता दीपेश नायर ऐसे व्यक्तित्व हैं जिन्होंने समाज के उस वर्ग के लिए कार्य किया है जो सामान्यतः उपेक्षित रह जाता है।

ईश्वर जो भी कमी करता है, उसकी पूर्ति भी करता है

यदि दिव्यांगों को प्रशिक्षित किया जाए तो वह भी आगे बढ़ सकता है, ईश्वर जो भी जीवन में कमी करता है उसकी पूर्ति वह अवश्य करता है। आपको सम्मान दिए जाने से इस पुरस्कार का गौरव बढ़ा है।
उन्होंने आगे कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ऐसा संगठन है जो युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है, मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है कि मुझे भी अपने विद्यार्थी जीवन में अखिल विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता के रूप में कार्य करने का अवसर मिला था।

राष्ट्रधर्म ही सर्वोपरि धर्म

नवीन प्रौद्योगिकी का सही से प्रयोग हो यह काफी महत्वपूर्ण है, तकनीक का सही उपयोग जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है तो नकारात्मक प्रयोग समस्या भी खड़ी करता है। राष्ट्रधर्म ही हमारे लिए सर्वोपरि धर्म है और यही एक लक्ष्य जब लेकर हम चलेंगे तो हम मानवता के कल्याण के मार्ग को प्रशस्त कर पाएंगे। याद रखना राष्ट्र धर्म के निर्वाह में जो चुनौतियां है, उनका सामना परस्पर एकता से ही संभव है।

युवा कल का नहीं आज का नागरिक है

परस्पर एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए ही यह हो पाएगा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस ऊर्जावान सत्य के बल पर, छात्रशक्ति के बल पर क्योंकि यही छात्रशक्ति, राष्ट्रशक्ति है और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कहती है कि युवा कल का नहीं आज का नागरिक है और आज का नागरिक है और यह आज का नागरिक है तो उसे आज के दिन पर ही उसे राष्ट्रधर्म के मार्ग पर आगे बढ़ाकर हो पाएगा।

इनकी रही उपस्थिति

पुरस्कार अर्पण समारोह में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो राजशरण शाही, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ वीरेन्द्र सोलंकी, राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री आशीष चौहान सहित प्रदेश के प्रमुख गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।