जेपी के खिलाफ यह लिया था फैसला
यमुना अथॉरिटी के अफसरों ने बोर्ड मीटिंग में जेपी की जमीन बेचकर बॉयर्स का पैसा लौटाने का फैसला लिया था। 7 हजार बॉयर्स को राहत देने के लिए अथॉरिटी शासन को प्रस्ताव भेज चुकी है। दरअसल, जेपी एसोसिएट पर 31 अगस्त 2017 तक अथॉरिटी का 344 करोड़ रुपए बकाया है, जबकि किसानों के बढ़े हुए मुआवजे के 4342 करोड़ रुपए देने हैं। बिल्डर्स से अथॉरिटी के वर्तमान रेट के सर्किल रेट के आधार पर जमीन वापस लेकर बॉयर्स को पैसा लौटाया जाएगा। जेपी ने अथॉरिटी के पैसा चुकाने में असमर्थ होने के कारण बुद्धा-1, बुद्धा-2, यमुना विहार और उड़ान जैसी हाऊसिंग स्कीमों के लिए अलॉट की गई जमीनों को सरेंडर कर दिया था। स्कीमों में निवेश करने वाले निवेशकों की रकम इस जमीन के लैंडयूज चेंजकर अथॉरिटी को लौटाना है।
परेशान हैं बॉयर्स