
ग्रेटर नोएडा की 43 सोसाइटियों में अगस्त महीने से गंगाजल की सप्लाई होगी।
Gangajal Supply: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के हजारों निवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। क्षेत्र की 43 हाउसिंग सोसाइटियों को अगस्त महीने से गंगाजल की आपूर्ति मिलने लगेगी। इनमें प्रमुख रूप से गौड़ सिटी वन और टू, सेक्टर-16बी, 16सी और टेकजोन-4 शामिल हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जल विभाग ने इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति करते हुए गौड़ चौक के पास पाइप लाइन जोड़ने का काम आरंभ कर दिया है।
करीब तीन सालों से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासी गंगाजल की आपूर्ति की मांग कर रहे थे। इस इलाके में पेयजल की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी। ज्यादातर सोसाइटियों में बोरवेल के जरिये पानी की आपूर्ति की जा रही थी। जो गर्मियों में सूख जाने के कारण संकट की स्थिति पैदा कर देता था। अब जब गंगाजल की आपूर्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, तो यहां के लगभग डेढ़ लाख लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है।
गंगाजल पाइप लाइन को 130 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क के किनारे से होते हुए गौड़ चौक तक जोड़ा जा रहा है। इस कार्य के लिए पाइप लाइन बिछाने और उसकी सफाई का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। अब अंतिम जोड़ का कार्य शुरू हो गया है। जैसे ही यह कार्य पूरा होता है, गंगाजल की आपूर्ति गौड़ सिटी वन और टू की 33 सोसाइटी के अलावा सेक्टर 16बी, 16सी की सात और टेकजोन-4 की तीन सोसाइटी में शुरू हो जाएगी।
प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार के अनुसार, शाहबेरी क्षेत्र में बने अंडरग्राउंड रिजर्वायर (UGR) को भी जल्द चालू करने की तैयारी चल रही है। जब तक यह तैयार नहीं होता, तब तक गंगाजल की आपूर्ति सीधे पाइप लाइन के माध्यम से की जाएगी। एसीईओ प्रेरणा सिंह ने पुष्टि की है कि अगस्त महीने से नियमित आपूर्ति शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि कुछ तकनीकी समस्याओं के चलते अब तक आपूर्ति में विलंब हो रहा था, लेकिन अब ये सभी बाधाएं दूर की जा रही हैं। इस परियोजना के पूरा होते ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लाखों लोगों को साफ और सुरक्षित पेयजल मिल सकेगा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की योजना केवल गंगाजल की आपूर्ति तक सीमित नहीं है। प्राधिकरण 24 घंटे सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। इसके लिए वाटर मीटर लगाए जा रहे हैं ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके और उपभोक्ताओं को उपयोग के आधार पर शुल्क चुकाना पड़े। साथ ही, भूजल के अत्यधिक दोहन को रोकने के लिए 85 क्यूसेक की गंगाजल परियोजना के अंतर्गत व्यापक पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया गया है।
Updated on:
29 Jul 2025, 1:24 PM IST
Published on:
29 Jul 2025, 1:24 PM IST
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