
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है। योगी सरकार ने यहां बिजली संकट को दूर करने के लिए खास प्लान तैयार किया है। जिसके तहत जुलाई के आखिरी महीने तक नोएडा के 123 सब स्टेशनों से ग्रेटर नोएडा वेस्ट को सौ मेगावाट बिजली की आपूर्ति उपलब्ध कराई जा सकती है। सब स्टेशनों पर ये काम इस महीने के लास्ट तक पूरा करने की उम्मीद जताई जा रही है। दरअसल काफी समय से यहां बिजली की मांग है, जो 130 मेगावाट तक पहुंच चुकी है। वहीं इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों का बुरा हाल है। बता दें कि क्षेत्र में बिजली की बढ़ती हुई मांग को पूरा करने के क्रम में एनपीसीएल ने नोएडा सेक्टर 123 सब स्टेशन से ग्रेटर नोएडा वेस्ट से बिजली की लाइन डाली थी लेकिन सब स्टेशन का कार्य पूरा न होने के कारण आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। ऐसे में बिजली पर लोड अधिक पड़ने लगा। जिसके कारण लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
बिल्डरों की धड़ल्ले से हो रही कमाई
उधर, कंपनी के वीपी सारनाथ गांगुली का कहना है कि जुलाई के आखिरी महीने तक सब स्टेशन पर काम पूरा होने की उम्मीद है। इससे ग्रेटर नोएडा वेस्ट को सौ मेगावाट बिजली उपलब्ध हो जाएगी। बता दें कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक लाख से अधिक फ्लैट में काफी संख्या में लोग रह रहे हैं। वहीं लोगों द्वारा एसी, कूलर से लेकर अन्य बिजली के कई उपकरण का इस्तेमाल किया जा रहा। अगर प्रति फ्लैट पांच किलोवाट लोड भी मान लिया जाए तो 75 रुपये प्रति किलोवाट की दर से प्रति माह 3.75 करोड़ या सालाना 45 करोड़ रुपये की कमाई बिल्डर कर रहे हैं। जो एनपीसीएल को भुगतान के सापेक्ष काफी ज्यादा है।
प्री पेड मीटर उपभोक्ताओं को छूट नहीं
इस बीच कुछ लोगों का ये भी दावा है कि प्री पेड व देय तिथि से पूर्व भुगतान पर उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लि. उपभोक्ताओं को छूट भी देता है, लेकिन ग्रेटर नोएडा वेस्ट में प्री पेड मीटर उपभोक्ताओं को कोई छूट नहीं दी जा रही है। उन्होंने बताया कि यह राशि भी सीधे बिल्डरों की जेब में जा रही है। यही नहीं आनलाइन भुगतान के नाम पर भी 25.30 रुपये प्रति उपभोक्ता वसूली की जा रही है।
Published on:
5 Jul 2022, 10:14 AM IST
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