मौजूदा समय में सीरिया में अमरीका के 2,000 सैनिक मौजूद हैं, जिनमें से अधिकांश इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई में स्थानीय सैनिकों को प्रशिक्षण और सलाह देने के लिए मौजूद हैं।सेना वापसी अमरीकी नीति के उलट होगा और यह सीरिया को केवल तुर्की के सैनिकों की दया पर छोड़ देगा। बता दें कि कुछ समय पहले ही अमरीकी प्रशासनिक अधिकारियों में इस बात को लकेर विवाद था कि इस्लामी राज्य पराजित हो गया है अथवा नहीं। आईएसआईएस को हराने के लिए वैश्विक गठबंधन के प्रशासन के विशेष दूत ब्रेट मैकगर्क ब्रेट मैकगर्क ने कहा, "हमने पिछले कुछ वर्षों में एक बात सीखी है। इस तरह के समूह की स्थायी हार का मतलब है कि आप सिर्फ अपनी भौतिक जगह छोड़ सकते हैं।आपको यह स्वीकार करना होगा कि यह एक बड़ा काम है और इसमें कुछ समय लगेगा।" पेंटागन ने हालांकि अपने सैनिकों के पूरी तरह से वापस बुला लेने की पुष्टि नहीं की है। पेंटागन के प्रवक्ता कर्नल रॉब मैनिंग ने कहा, 'इस वक्त हम क्षेत्र में अपने सहयोगियों के साथ काम करना जारी रखेंगे।' लेकिन अमरीका के इस फैसले से सीरिया और कुर्द लड़ाकों के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं।