
ambuvaasi mela sonoval
(राजीव कुमार की रिपोर्ट)
गुवाहाटी। असम के गुवाहाटी के नीलाचल पहाड़ पर स्थित शक्तिपीठ मांं कामाख्या मंदिर के कपाट मंगलवार सुबह खुले। मंदिर के कपाट खुलने के पूर्व से ही लाखों श्रद्धालुओं मां के दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़े थे। पूजा-अर्चना के बाद राज्य के राज्यपाल प्रोफेसर जगदीश मुखी और मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने पहले दर्शन किए और इसके बाद श्रद्धालुओं ने दर्शन शुरु किए। पिछले चार दिनों से मंदिर के कपाट बंद थे। मान्यता है कि इस दौरान मां रजस्वाला होती हैं और इसी कारण कपाट बंद किए जाते हैं। 22 जून को रात्रि 9 बजकर 27 मिनट 54 सेकेंड पर प्रवृति के साथ ही अंबुवासी मेला शुरु हुआ था। आज सुबह 7 बजकर 51 मिनट 58 सेकेंड पर निवृति होने पर कपाट खोले गए।
सौहार्द का अनूठा उदाहरण पेश किया
पिछले चार दिनों के अंबुवासीमेले में लगभग बीस लाख से अधिक श्रद्दालुओं का तांता लगा। मेले में हिस्सा लेने काफी संख्या में विदेशी श्रद्धालु भी आए। मुस्लिम छात्र संगठन अखिल असम गोरिया मोरिया छात्र संगठन ने मेले के दौरान श्रद्धालुओं के बीच पेयजल का वितरण कर भाईचारे और सौहार्द का अनूठा उदाहरण पेश किया है। पिछले तीन सालों से वे यह कार्य कर रहे हैं। संगठन के सचिव मईनुल हक ने कहा कि श्रद्धालुओं को पानी पिलाने का कार्य सौभाग्य की बात है। यहां जात-पात की बात नहीं आती है।
मेले के दौरान महिला श्रद्धालुओं की मौत
इस बार मेले के दौरान दो भक्तों के मरने की खबर है। कामाख्या दर्शन के लिए आई एक महिला का शव सोमवार की रात भरलुमुख के एक व्यक्ति के गैरेज से बरामद हुआ। यह महिला पश्चिम बंग के नदिया से आई थी। इसका नाम देवीवाला मंडल बताया गया है। वहीं कामाख्या दर्शन के लिए आई दूसरी महिला की मौत रेल की टक्कर से हुई। इस महिला की भी शिनाख्त पश्चिम बंग के नदिया जिले के नेताजी नगर की निवासी के रुप में हुई है। नाम प्रभाती धाली (65) है। परिवार के अन्य लोगों के साथ वह कामाख्या आई थी।
Published on:
26 Jun 2018 01:35 pm
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